- अराजक तत्वों पर चलेगा कानून का डंडा: मुख्यमंत्री योगी
- दीपावली, छठ और देव दीपावली को लेकर मुख्यमंत्री सख्त
- शासन से थानों तक अधिकारियों की छुट्टियां निरस्त
- बाजारों में 24 घंटे पुलिस निगरानी के निर्देश
लखनऊ। त्योहारों की आड़ में शांति और सौहार्द बिगाड़ने की कोशिश करने वालों के खिलाफ उत्तर प्रदेश सरकार ने सख्त रुख अपना लिया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कानून व्यवस्था की उच्चस्तरीय समीक्षा करते हुए साफ संदेश दिया कि प्रदेश में त्योहार खुशियों और आस्था के साथ मनाए जाएंगे, लेकिन अराजकता फैलाने वालों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा।
मुख्यमंत्री ने दो टूक कहा कि त्योहारों के दौरान उपद्रव की साजिश रचने वालों के मंसूबे कामयाब नहीं होने चाहिए। कानून हाथ में लेने वालों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति के तहत कठोर कार्रवाई की जाए। दीपावली, छठ और देव दीपावली को देखते हुए पुलिस-प्रशासन पूरी तरह सतर्क रहे और संवेदनशील क्षेत्रों में विशेष निगरानी रखी जाए।
मुख्यमंत्री ने त्योहारों के मद्देनजर शासन से लेकर थानों तक अधिकारियों और कर्मचारियों की छुट्टियां निरस्त रखने के निर्देश दिए। बाजारों, भीड़भाड़ वाले इलाकों और प्रमुख सार्वजनिक स्थलों पर 24 घंटे पुलिस निगरानी सुनिश्चित करने को कहा। सुरक्षा व्यवस्था में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
पटाखों की बिक्री को लेकर मुख्यमंत्री ने स्पष्ट निर्देश दिए कि निर्धारित नियमों के अनुसार खुले और सुरक्षित स्थानों पर ही आतिशबाजी की बिक्री हो। आग से बचाव के पर्याप्त इंतजाम किए जाएं और प्रतिबंधित स्थानों पर पटाखों की बिक्री किसी भी सूरत में न होने पाए।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि त्योहारों के दौरान बिजली और पेयजल की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित की जाए। सफाई व्यवस्था दुरुस्त रहे और आम नागरिकों को किसी तरह की असुविधा न हो। त्योहारों के दौरान आवश्यक सेवाओं में व्यवधान की शिकायत मिलने पर जिम्मेदारी तय की जाएगी।
मुख्यमंत्री ने सार्वजनिक वितरण प्रणाली में पारदर्शिता बनाए रखने के निर्देश देते हुए कहा कि राशन वितरण में घटतौली और अनियमितता करने वालों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाए। किसानों को खाद की उपलब्धता सुनिश्चित हो। खाद की कालाबाजारी और जमाखोरी करने वालों पर प्रभावी कार्रवाई की जाए।
धान खरीद की समीक्षा के दौरान मुख्यमंत्री ने अनावश्यक देरी पर नाराजगी जताई। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि क्रय केंद्रों पर किसानों को परेशानी न हो और निर्धारित प्रक्रिया के तहत समय से धान खरीद सुनिश्चित की जाए।
मुख्यमंत्री ने पेंशनरों की समस्याओं पर भी गंभीरता दिखाई। उन्होंने निर्देश दिए कि पेंशनरों के लंबित चिकित्सा प्रतिपूर्ति बिलों का प्राथमिकता के आधार पर शीघ्र निस्तारण किया जाए, ताकि बुजुर्गों और सेवानिवृत्त कर्मचारियों को अनावश्यक दफ्तरों के चक्कर न लगाने पड़ें।

