आठ विभूतियों को स्मृति सम्मान से किया गया सम्मानित, कविता, हास्य और ओजपूर्ण रचनाओं ने मोहा मन
फर्रुखाबाद, 25 अक्टूबर। आरोग्य चेतना समिति एवं टीम ऑलवेज पॉजिटिव के संयुक्त तत्वावधान में ओम प्रकाश सिंह भदौरिया की छठवीं पुण्यतिथि पर उत्सव गेस्ट हाउस में विराट कवि सम्मेलन एवं सम्मान समारोह आयोजित किया गया। साहित्य, संस्कृति और सामाजिक सरोकारों को समर्पित इस आयोजन में विभिन्न क्षेत्रों से आए कवियों ने अपनी रचनाओं के माध्यम से श्रोताओं को भावविभोर कर दिया। कार्यक्रम में श्रद्धांजलि, भक्ति, हास्य, प्रेम और राष्ट्रप्रेम से ओतप्रोत काव्य रचनाओं का अनूठा संगम देखने को मिला। समारोह में विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय योगदान देने वाली आठ विभूतियों को स्मृति सम्मान प्रदान किए गए।
कार्यक्रम के संयोजक डॉ. अरुण प्रताप सिंह भदौरिया एवं आनंद भदौरिया रहे। अध्यक्षता क्षत्रिय महासभा के जिलाध्यक्ष एवं वरिष्ठ रचनाकार महेश पाल सिंह उपकारी ने की। युवा कवि वैभव सोमवंशी ‘सुभग’ ने अपने चुटीले अंदाज में मंच संचालन किया। कार्यक्रम का शुभारंभ मां सरस्वती की प्रतिमा पर माल्यार्पण और दीप प्रज्वलन के साथ हुआ।
ओम प्रकाश सिंह भदौरिया के व्यक्तित्व और कृतित्व को याद करते हुए अनिल भदौरिया ने कहा कि वह आदर्श अध्यापक, लेखक, कवि, कुशल वक्ता, योगगुरु, प्राकृतिक चिकित्सा के जानकार, समाजसेवी और लोकतंत्र सेनानी थे। उनका जीवन समाज के लिए प्रेरणास्रोत रहा। उनके विचारों और सामाजिक योगदान को याद करना नई पीढ़ी को सकारात्मक दिशा देने का माध्यम है।
कवयित्री स्मृति अग्निहोत्री ने मां बागीश्वरी की वंदना प्रस्तुत कर काव्य समारोह का शुभारंभ किया। इसके बाद कवियों ने एक से बढ़कर एक रचनाएं प्रस्तुत कर श्रोताओं की खूब तालियां बटोरीं।
वरिष्ठ कवि महेश पाल सिंह उपकारी ने भगवान श्रीराम की महिमा का भावपूर्ण वर्णन करते हुए कहा कि राम नाम का स्मरण व्यक्ति के जीवन में भक्ति और श्रद्धा का संचार करता है। उनकी प्रस्तुति को श्रोताओं ने सराहा। अंतरराष्ट्रीय कवि विवेक बादल बाजपुरी ने ओजपूर्ण रचनाओं के माध्यम से श्रोताओं में उत्साह का संचार किया।
कवयित्री डॉ. प्रीति पवन तिवारी ने प्रेम और प्रतीक्षा से सराबोर गीत प्रस्तुत कर माहौल को भावुक बना दिया। वहीं मंच संचालक वैभव सोमवंशी ‘सुभग’ ने अपनी हास्यपूर्ण रचनाओं और त्वरित टिप्पणियों से सभागार को ठहाकों से गुंजायमान कर दिया।
उत्तराखंड के रुद्रपुर से आए कवि अशोक अंजाना ने भक्ति और ज्ञान का संदेश दिया, जबकि आगरा से आए कवि नवीन ‘नवी’ ने अपनी रचनाओं के माध्यम से मानवीय संवेदनाओं को स्वर दिया। युवा कवि उत्कर्ष अग्निहोत्री ने रिश्तों में आपसी समझ और जिम्मेदारी का संदेश देते हुए अपनी रचना सुनाई। कवयित्री स्मृति अग्निहोत्री ने भी अपनी विशिष्ट शैली में काव्य पाठ कर श्रोताओं को प्रभावित किया।
समारोह के संयोजक डॉ. अरुण प्रताप सिंह भदौरिया ने स्वाभिमान, सादगी और राष्ट्रप्रेम का संदेश देने वाली रचना प्रस्तुत की। कवि आनंद भदौरिया ने पिता के त्याग और वात्सल्य को शब्दों में पिरोकर श्रोताओं को भावुक कर दिया। पूरे कार्यक्रम के दौरान सभागार तालियों की गूंज से गूंजता रहा।
आठ विभूतियों को मिला स्मृति सम्मान
समारोह में विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय योगदान देने वाली आठ विभूतियों को सम्मानित किया गया। अनिल भदौरिया को शिवराम सिंह स्मृति समाज भूषण सम्मान-2026, डॉ. अरशद मंसूरी को जयराम सिंह स्मृति सम्मान-2026, कृपाल सिंह राजावत को सुशीला देवी स्मृति सम्मान-2026, सुमन राठौर को बिट्टन भदौरिया स्मृति सम्मान-2026, डॉ. आर. वी. सिंह को तेज प्रताप सिंह स्मृति सम्मान-2026, डॉ. यशपाल चौहान को उदयवीर सिंह स्मृति सम्मान-2026, नरदेव सिंह को बिट्टन देवी स्मृति सम्मान-2026 तथा अरविंद चौहान को विद्यावती स्मृति सम्मान-2026 प्रदान किया गया। सभी सम्मानित व्यक्तियों और कवियों को अंगवस्त्र ओढ़ाकर तथा प्रशस्ति पत्र भेंट कर सम्मानित किया गया।
कार्यक्रम के समापन पर अध्यक्ष महेश पाल सिंह उपकारी ने भदौरिया बंधुओं की सराहना करते हुए कहा कि अपने पूज्य पिता की स्मृति में लगातार छह वर्षों से कवि सम्मेलन और सम्मान समारोह आयोजित करना सराहनीय पहल है। ऐसे आयोजन साहित्यिक परंपराओं को जीवित रखने के साथ समाज में संस्कार, संवेदना और सकारात्मक विचारों को मजबूत करते हैं। उन्होंने आयोजकों को आशीर्वाद देते हुए इस परंपरा के निरंतर आगे बढ़ने की कामना की।
समारोह में शशि सिंह, संध्या सिंह, गौरव सिंह, रवि प्रताप सिंह, लक्ष्मी, संतोषी, रचना, पुष्पराज सिंह राठौर, शैल मिश्रा, शालू, सारिका चौधरी, संगीता कटियार, डॉ. बृजेंद्र चौधरी, संजय कटियार, अनुजा सोमवंशी, ऋषभ कटियार, वीरेन्द्र कुमार, पंकज कुमार, जनार्दन द्विवेदी, अनुराग श्रीवास्तव, डॉ. राघवेन्द्र, दलवीर सिंह यदुवंशी, भगवान सहाय, करुणा शंकर पटेल, अभिषेक कुमार, हिमांशु यादव, अरुण सिंह, अमर सिंह, सत्यम सेंगर, रितेश सिंह, गुंजन सिंह, जसवीर सिंह, गजेंद्र सिंह, सुरेश शाक्य, मनोज गुप्ता, रेणु गुप्ता और सुष्माकर मिश्रा सहित सैकड़ों साहित्यप्रेमी मौजूद रहे।

