- अभिलेख न देने पर कार्रवाई
- वित्तीय वर्ष 2020-21 की लंबित ऑडिट आपत्तियों की समीक्षा में लापरवाही उजागर
- अभिलेख उपलब्ध कराने के लिए तीन दिन का दिया गया समय
फर्रुखाबाद। पंचायत राज विभाग में ऑडिट संबंधी कार्यों में लापरवाही बरतने वाले ग्राम पंचायत सचिवों पर प्रशासन ने कार्रवाई की है। 2 नवंबर 2026 को विकास भवन सभागार में आयोजित समीक्षा बैठक से बिना पूर्व सूचना अनुपस्थित रहने और ऑडिट से संबंधित अभिलेख उपलब्ध नहीं कराने वाले 11 ग्राम पंचायत सचिवों का एक दिन का वेतन रोकने के निर्देश जारी किए गए हैं।
जिला पंचायत राज अधिकारी की ओर से जारी प्रेस नोट के अनुसार, वित्तीय वर्ष 2020-21 की लंबित ऑडिट आपत्तियों एवं अनियमितताओं के निस्तारण को लेकर मुख्य विकास अधिकारी की अध्यक्षता में समीक्षा बैठक आयोजित की गई थी। बैठक में संबंधित ग्राम पंचायत सचिवों को ऑडिट से जुड़े अभिलेखों के साथ उपस्थित होना था।
आरोप है कि कई सचिव बिना किसी पूर्व सूचना के बैठक से अनुपस्थित रहे। वहीं, कुछ सचिवों ने ऑडिट से संबंधित आवश्यक अभिलेख भी उपलब्ध नहीं कराए। इसे शासकीय कार्यों के प्रति लापरवाही मानते हुए संबंधित सचिवों का एक दिन का वेतन अवरुद्ध करने के निर्देश दिए गए।
इसके अतिरिक्त समीक्षा बैठक में शामिल ग्राम पंचायत अधिकारी रंजीत यादव और शुभम तिवारी का भी एक दिन का वेतन रोकने का आदेश दिया गया है।
प्रेस नोट में बताया गया है कि वित्तीय वर्ष 2019-20 से 2024-25 तक के लंबित ऑडिट प्रकरणों में जिन ग्राम पंचायतों के अभिलेख उपलब्ध नहीं कराए गए हैं, उन्हें तीन दिन के भीतर अभिलेख उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं।
प्रशासन की इस कार्रवाई से पंचायत राज विभाग में हड़कंप मचा है। अब देखना होगा कि निर्धारित समय में संबंधित सचिव लंबित ऑडिट अभिलेख उपलब्ध कराते हैं या उनके खिलाफ आगे भी कार्रवाई की जाती है।


