लखनऊ।उत्तर प्रदेश स्थानीय निकाय कर्मचारी महासंघ अपनी वर्षो से लम्बित समस्याओ का समय रहते प्रदेश सरकार के नगर विकास विभाग द्वारा समाधान न किए जाने पर उच्च न्यायालय के अधीन अपनी समस्याओं के समाधान हेतु जुलाई माह में एक वाद दायर करके न्याय की गुहार की गई थी जिसके क्रम में उच्च न्यायालय ने 27 जुलाई 2026 को प्रदेश सरकार के नगर विकास विभाग को समय रहते स्थानीय निकाय कर्मचारियों की अकेंद्रियत सेवा नियमावली एवं अन्य समस्याओं के समाधान हेतु आदेशित किया गया थाl लेकिन 3 माह व्यतीत होने के बाद महासंघ ने तीन अनुस्मारक पत्र भी प्रेषित किए प्रमुख सचिव नगर विकास को जिसकी प्रति एवं अनुरोध मुख्यमंत्री,उपमुख्यमंत्री व मुख्य सचिव,अपर मुख्य सचिव कार्मिक, अपर मुख्य सचिव वित्त, निदेशक स्थानीय निकाय आदि को प्रेषित करते हुए समय रहते उच्च न्यायालय के पारित आदेश का अनुपालन कराने का कष्ट करे,जिससे जो भी समस्याएं महासंघ ने पिछले 9 वर्षों से उठाता चला आ रहा है जिसके संबंध में सैकड़ो आन्दोलन,धरना प्रदर्शन आदि भी कर चुका,परन्तु अभी तक कोई समाधान/आदेश और न ही अकेन्द्रियत सेवा नियमावली ही जारी हो सकी,जिसके कारण प्रदेश का स्थानीय निकाय कर्मचारी बहुत अक्रोर्षित है और उसे न्याय भी नहीं मिल पा रहा है।
महासंघ ने पुनः अनुरोध किया है कि उच्च न्यायालय के पारित आदेश रिट संख्या 2629 /2026 के अंतर्गत दिए गए आदेश का अनुपालन यथाशीघ्र करने का कष्ट करें जिससे प्रदेश के निकाय कर्मचारियों के कैडर रिव्यू, अकेंद्रियत सेवा नियमावली,विनयमितीकरण, कैशलेस इलाज व्यवस्था, संविदा, दैनिक वेतन, धारा 108, वेतनविसंगति, पुरानी पेशंन बहाली, चिकित्सा प्रतिपूर्ति आन लाईन व आफ लाईन की व्यवस्था सहित सफाई कर्मचारियों व आऊटसोर्सिग साथियो की जो भी समस्याएं है, का समाधान समय रहते संभव हो सके।



