अरुणाचल प्रदेश में प्रस्तावित 11,200 मेगावाट क्षमता वाले सियांग प्रोजेक्ट के विरोध में शुक्रवार रात हिंसा भड़क गई। प्रदर्शनकारियों की भीड़ ने पासीघाट में एनएचपीसी (NHPC) कार्यालय और पुलिस स्टेशन को आग के हवाले कर दिया। इस दौरान सात से आठ पुलिस वाहनों को भी जला दिया गया। प्रदर्शनकारियों ने भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष कलिंग मोयोंग और कुछ विधायकों के घरों में तोड़फोड़ की। पथराव की घटनाओं में डीएसपी समेत कई पुलिसकर्मी घायल हो गए। हालात बिगड़ने के बाद सुरक्षाबलों ने भीड़ को नियंत्रित करने के लिए आंसू गैस के गोले छोड़े। अधिकारियों के मुताबिक, सियांग, अपर सियांग और पूर्वी सियांग जिलों में परियोजना के विरोध में 12 घंटे का बंद बुलाया गया था। बंद के दौरान कुछ स्थानों पर प्रदर्शन उग्र हो गया और पुलिस तथा प्रदर्शनकारियों के बीच झड़पें हुईं। सियांग प्रोजेक्ट को लेकर स्थानीय स्तर पर विरोध जारी है, जबकि शुक्रवार रात हुई हिंसा के बाद प्रशासन नुकसान का आकलन करने और हालात पर नियंत्रण बनाए रखने में जुटा है।
अधिकारियों के अनुसार, बंद के दौरान सियांग जिले में करीब 150 से 200 प्रदर्शनकारियों ने पुलिस वाहनों में तोड़फोड़ की और बैरिकेड तोड़ने की कोशिश की। प्रदर्शनकारियों के पास कथित तौर पर दाओ, लाठियां और गुलेल थीं। इस दौरान पुलिस पर पथराव किया गया, जिसके बाद सुरक्षाबलों ने आंसू गैस के गोले छोड़कर भीड़ को तितर-बितर करने की कोशिश की। मेबो में रनाघाट ब्रिज के पास भी पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच झड़प हुई। स्थिति तनावपूर्ण होने के बीच सार्वजनिक संपत्तियों और पुलिस वाहनों को नुकसान पहुंचाया गया। पासीघाट में पुलिस स्टेशन में आगजनी की घटना भी सामने आई। हिंसा के दौरान कई पुलिसकर्मियों के घायल होने की सूचना है, जिनमें एक डीएसपी भी शामिल हैं। हालांकि, उपलब्ध जानकारी में घायलों की कुल संख्या और उनकी चोटों की गंभीरता का विस्तृत ब्योरा नहीं दिया गया है। पुलिस और प्रशासन की ओर से घटनास्थलों पर हुए नुकसान का आकलन किया जा रहा है। बंद के दौरान हुई इन घटनाओं ने सियांग परियोजना को लेकर जारी विरोध के बीच कानून-व्यवस्था की चुनौती बढ़ा दी है।
पासीघाट के डीएसपी टोनी तातक के मुताबिक, प्रदर्शनकारी मेबो इलाके से आए थे। भीड़ ने आदि समुदाय के प्रमुख संगठन आदि बाने केबांग के कार्यालय में भी तोड़फोड़ की। पुलिस इस घटना में हुए नुकसान का आकलन कर रही है। हिंसा का असर राजनीतिक प्रतिनिधियों के आवासों पर भी देखने को मिला। विधायक निनोंग एरिंग के अनुसार, रात करीब दो बजे 300 से 400 युवा उनके घर पहुंचे। उन्होंने आरोप लगाया कि भीड़ ने घर में तोड़फोड़ करने के साथ संपत्ति लूट ली। इसके अलावा भाजपा प्रदेश अध्यक्ष कलिंग मोयोंग और अन्य विधायकों के घरों में भी तोड़फोड़ की गई। इन घटनाओं के बाद इलाके में तनाव का माहौल बन गया। एक ओर स्थानीय लोग प्रस्तावित परियोजना को लेकर विरोध जता रहे हैं, वहीं दूसरी ओर हिंसा और सार्वजनिक संपत्तियों को नुकसान पहुंचाने की घटनाओं ने प्रशासन के सामने स्थिति संभालने की चुनौती खड़ी कर दी है। पुलिस की ओर से नुकसान का आकलन किया जा रहा है, हालांकि उपलब्ध विवरण में तोड़फोड़ और आगजनी के मामलों में आगे की कानूनी कार्रवाई को लेकर विस्तृत जानकारी नहीं दी गई है।
प्रस्तावित सियांग प्रोजेक्ट की क्षमता 11,200 मेगावाट बताई गई है। इस परियोजना का उद्देश्य चीन की ओर से आने वाले पानी के प्रवाह को नियंत्रित करने और बाढ़ के खतरे को कम करने में मदद करना बताया गया है। हालांकि, परियोजना को लेकर स्थानीय स्तर पर विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं और इसी के बीच तीन जिलों में बंद का आह्वान किया गया था। शुक्रवार रात हुई हिंसा ने इस विरोध को गंभीर मोड़ दे दिया। एनएचपीसी कार्यालय, पुलिस स्टेशन, पुलिस वाहनों और राजनीतिक प्रतिनिधियों के घरों को निशाना बनाए जाने की घटनाओं के बाद प्रशासन के सामने शांति व्यवस्था बहाल करने की चुनौती है। अधिकारियों के मुताबिक, प्रदर्शन के दौरान बैरिकेड तोड़ने, पथराव और आगजनी जैसी घटनाएं हुईं, जिसके जवाब में पुलिस ने आंसू गैस का इस्तेमाल किया। फिलहाल उपलब्ध जानकारी के आधार पर परियोजना के विरोध और हिंसा से जुड़े घटनाक्रम सामने आए हैं, जबकि नुकसान के आकलन और आगे की कार्रवाई का विवरण स्पष्ट होना बाकी है।

