2441 रुपये प्रति क्विंटल मिलेगा समर्थन मूल्य
फर्रुखाबाद। जिले में धान की सरकारी खरीद सोमवार, 2 नवंबर से शुरू होगी। इसके लिए खाद्य विभाग और पीसीएफ की ओर से कुल 15 क्रय केंद्र बनाए गए हैं। शासन ने इस वर्ष धान का न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) 72 रुपये बढ़ाकर 2441 रुपये प्रति क्विंटल निर्धारित किया है। पिछले वर्ष धान की सरकारी खरीद 2369 रुपये प्रति क्विंटल की दर से हुई थी। हालांकि बाजार में धान के अच्छे भाव मिलने के कारण अभी तक सरकारी क्रय केंद्रों पर किसानों का रुझान कम दिखाई दे रहा है।
इस वर्ष जिले में करीब 25 हजार हेक्टेयर क्षेत्रफल में धान की खेती की गई है। खेतों में फसल तैयार होने के बाद कटाई का काम तेजी से चल रहा है। पिछले दो दिनों से हो रही बूंदाबांदी के कारण कटाई का काम प्रभावित हुआ है। रविवार को अवकाश होने के चलते सरकारी खरीद सोमवार से शुरू की जाएगी। खरीद शुरू होने से पहले केंद्रों पर आवश्यक तैयारियां की जा रही हैं।
धान खरीद के लिए खाद्य विभाग के छह केंद्र निर्धारित किए गए हैं। इनमें सातनपुर मंडी, कमालगंज मंडी, राजेपुर, कायमगंज मंडी, शमसाबाद उपमंडी और नवाबगंज शामिल हैं। इसके अलावा पीसीएफ के नौ केंद्रों पर भी किसानों से धान खरीदा जाएगा। इनमें बढ़पुर ब्लॉक के आलू संघ सातनपुर, सहकारी समिति बरौन और महलई, मोहम्मदाबाद क्षेत्र के नीबकरोरी, पखना, पिपरगांव और हरकमपुर तथा कायमगंज क्षेत्र की सहकारी समितियां चिलसरा और कनासी शामिल हैं।
उधर, सरकारी खरीद शुरू होने से पहले ही बाजार में धान के अच्छे भाव मिलने से किसान आढ़तों की ओर रुख कर रहे हैं। सातनपुर मंडी में आढ़तों पर मोटा धान 2450 से 2500 रुपये प्रति क्विंटल तक बिक रहा है। वहीं महीन धान की कीमत 3300 से 4700 रुपये प्रति क्विंटल तक पहुंच रही है। बाजार में बेहतर कीमत मिलने के कारण सरकारी क्रय केंद्रों पर किसानों की दिलचस्पी फिलहाल कम दिखाई दे रही है।
सातनपुर मंडी में आढ़तों पर धान की आवक हो रही है, जबकि खाद्य विभाग के क्रय केंद्र पर खरीद शुरू होने से पहले सन्नाटा दिखाई दिया। केंद्र प्रभारी भी दोपहर में मौजूद नहीं थीं। ऐसे में सरकारी खरीद शुरू होने के बाद केंद्रों पर किसानों की कितनी आमद होती है, यह देखने वाली बात होगी।
डिप्टी आरएमओ रोली सिंह ने बताया कि जिले के सभी 15 क्रय केंद्रों पर सोमवार, 2 नवंबर से धान की खरीद शुरू करा दी जाएगी। बाजार में धान का भाव अच्छा होने के कारण अभी तक करीब 100 किसानों ने ही सरकारी क्रय केंद्रों पर धान बेचने के लिए पंजीकरण कराया है।




