- फर्जी मृत्यु प्रमाण पत्र बनवाने और परिवार रजिस्टर में नाम दर्ज कराने का आरोप

- कोर्ट के आदेश पर दो के खिलाफ मुकदमा दर्ज

बाराबंकी। रामनगर थाना क्षेत्र के पारा बेहटा गांव में जमीन हड़पने के लिए एक जीवित बुजुर्ग को सरकारी अभिलेखों में मृत दर्शाने का मामला सामने आया है। आरोप है कि 65 वर्षीय छक्कन निषाद का फर्जी मृत्यु प्रमाण पत्र बनवाकर उनकी 5.590 हेक्टेयर पैतृक भूमि पर कब्जा करने की कोशिश की गई। मामले में न्यायालय के आदेश पर पुलिस ने दो आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

पीड़ित छक्कन निषाद के मुताबिक, गांव में उनके नाम 5.590 हेक्टेयर पैतृक जमीन दर्ज है। आर्थिक तंगी के चलते वह रोजी-रोटी की तलाश में शहर में रहने लगे थे। इसी दौरान बहराइच जिले के जरवल रोड क्षेत्र के पारा गांव निवासी रमेश वर्मा और जवाहरलाल वर्मा की नजर उनकी जमीन पर पड़ गई।

आरोप है कि दोनों ने रामनगर ब्लॉक के पंचायत सचिव से कथित मिलीभगत कर 27 दिसंबर 2021 को छक्कन निषाद का फर्जी मृत्यु प्रमाण पत्र बनवा लिया। इसके बाद परिवार रजिस्टर में भी उन्हें मृत दर्ज करा दिया गया। आरोपियों ने कथित तौर पर खुद को उनका रिश्तेदार बताकर अपने परिवार के नाम भी अभिलेखों में जुड़वा लिए।

पीड़ित ने आरोप लगाया कि रमेश वर्मा ने किसी अन्य व्यक्ति की तस्वीर लगाकर उत्तर प्रदेश ग्रामीण बैंक की जरवल रोड शाखा में उनके नाम से बचत खाता भी खुलवा लिया। इसके साथ ही अंतिम संस्कार से संबंधित फर्जी शपथ पत्र लगाए जाने का भी आरोप है।

छक्कन निषाद का कहना है कि वह निषाद बिरादरी से हैं, जबकि आरोपी वर्मा बिरादरी के हैं। इसके बावजूद आरोपियों ने खुद को उनका सगा रिश्तेदार बताकर सरकारी अभिलेखों में नाम दर्ज करा लिए।

पीड़ित के अनुसार, 1 सितंबर 2026 को रामनगर ब्लॉक से लौटते समय आरोपियों ने ब्लॉक के पास लाठी-डंडों से हमला कर उन्हें घायल कर दिया। उनका आरोप है कि प्रभाव के चलते स्थानीय पुलिस ने शुरुआत में उनकी शिकायत पर कार्रवाई नहीं की।

इसके बाद पीड़ित ने एसीजेएम न्यायालय की शरण ली। न्यायालय के आदेश पर रामनगर कोतवाली में रमेश वर्मा और जवाहरलाल वर्मा के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है।

सीओ गरिमा पंत ने बताया कि मामले की जांच की जा रही है। पुलिस का कहना है कि जांच में सामने आने वाले तथ्यों और साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।