कई गांवों में पककर तैयार फसल जमीन पर बिछी, किसानों ने प्रशासन से मुआवजे की मांग की
गोरखपुर। लगातार 3 दिनों तक हुई बारिश ने किसानों की मेहनत पर पानी फेर दिया है। पश्चिम बंगाल की ओर से आए अर्नव तूफान के प्रभाव से हुई बारिश के चलते गोरखपुर के पिपराइच विधानसभा क्षेत्र में कई एकड़ धान की फसल जलमग्न हो गई है। खेतों में पानी भरने से पककर तैयार फसल जमीन पर बिछ गई है। इससे किसानों के सामने आर्थिक संकट खड़ा हो गया है।
पिपराइच क्षेत्र के जंगल अयोध्या प्रसाद नंबर दो, जंगल नाकिन, चौहान टोला, केवटालिया, मलमलिया, दरोगा टोला, छोटी नाकिन और बड़ी नाकिन गांवों में बारिश का व्यापक असर देखने को मिला है। कई खेतों में घुटनों तक पानी भरा हुआ है। धान की तैयार फसल पानी में डूबने के साथ ही खेतों में गिर गई है। लगातार जलभराव के कारण फसल के सड़ने और खराब होने की आशंका बढ़ गई है।
किसान पानी से भरे खेतों में उतरकर अपनी फसल बचाने और समेटने का प्रयास कर रहे हैं, लेकिन हालात उनके सामने बड़ी चुनौती बने हुए हैं। किसानों का कहना है कि धान की खेती में उनकी पूरी जमा पूंजी और कई महीनों की मेहनत लगी थी। फसल तैयार होने के समय हुई बारिश ने उनकी उम्मीदों पर पानी फेर दिया है। अब परिवार का भरण-पोषण और अगली फसल की तैयारी करना मुश्किल नजर आ रहा है।
पीड़ित किसानों ने जिला प्रशासन से प्रभावित गांवों में तत्काल सर्वे कराने और फसल नुकसान का आकलन कराकर उचित मुआवजा दिलाने की मांग की है। किसानों का कहना है कि समय रहते आर्थिक सहायता नहीं मिली तो उनके सामने रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो सकता है।
मामले में उपजिलाधिकारी गोरखपुर कुणाल रस्तोगी की बाइट भी सामने आई है। प्रशासन की ओर से नुकसान के सर्वे और राहत संबंधी कार्रवाई को लेकर किसानों की उम्मीदें टिकी हैं।
अब देखना यह है कि खेतों में डूबी किसानों की मेहनत का आकलन कब होता है और प्रभावित किसानों तक राहत कब पहुंचती है।




