एसआईआर (विशेष गहन पुनरीक्षण) को लेकर जारी विवाद के बीच चुनाव आयोग ने सुप्रीम कोर्ट में 15 बिंदुओं वाला जवाबी हलफनामा दाखिल किया है। आयोग ने मतदाता सूची के पुनरीक्षण में अनियमितताओं के विपक्ष के आरोपों को खारिज करते हुए अपनी प्रक्रिया का बचाव किया है।

चुनाव आयोग ने अपने जवाब में कहा कि फॉर्म-6 में कोई संशोधन नहीं किया गया है। फॉर्म-6 का इस्तेमाल मतदाता सूची में नया नाम जुड़वाने के लिए किया जाता है। आयोग ने स्पष्ट किया कि मतदाता सूची तैयार करने की प्रक्रिया निर्धारित नियमों के अनुसार संचालित की जा रही है।

आयोग ने यह भी कहा कि एसआईआर से जुड़े फैसले सर्वसम्मति से लिए गए हैं। इस जवाब के जरिए आयोग ने पुनरीक्षण प्रक्रिया को लेकर उठाए जा रहे सवालों पर अपना पक्ष रखा है। वहीं, विपक्ष लगातार मतदाता सूची में कथित गड़बड़ियों को लेकर चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठा रहा है।

विपक्ष ने मतदाता सूची से हटाए गए नामों का ऑडिट कराने और बूथवार हटाए गए मतदाताओं की सूची सार्वजनिक करने की मांग की है। विपक्ष का कहना है कि पूरी प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित की जानी चाहिए, ताकि किसी पात्र मतदाता का नाम सूची से न छूटे। अब इस मामले में सुप्रीम कोर्ट की आगे की कार्यवाही पर नजर रहेगी।