- पहले चरण में डीएलसी का कार्य पूरा, अब पीक्यूसी परत की ढलाई जारी
- उधरनपुर से बहावलपुर तक जाने वाला महत्वपूर्ण मार्ग, श्रृंगीरामपुर टूरिस्ट स्थल को जोड़ता है
कमालगंज संवाददाता।
लंबे समय से जर्जर हालत में पड़े संयोगिता मार्ग को आखिरकार नई सूरत मिलने लगी है। सबलपुर गांव में इस मार्ग पर सीमेंट कंक्रीट (सीसी) रोड निर्माण के दूसरे और अंतिम चरण का कार्य तेज गति से शुरू हो गया है।
लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) के अधीन आने वाले इस मार्ग को विभागीय मानकों के अनुसार 7 मीटर चौड़ा किया जा रहा है। इस वित्तीय वर्ष में निर्माण की स्वीकृति मिलने के बाद कार्य प्रारंभ हुआ था।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, प्रथम चरण में सड़क के नीचे बेस लेयर (डीएलसी) का निर्माण कार्य पूरा कर लिया गया था। अब दूसरे चरण में उसके ऊपर सीमेंट की ऊपरी परत (पीक्यूसी) डालने का कार्य प्रगति पर है। मौके पर ट्रांजिट मिक्सर मशीनों के माध्यम से मानकों के अनुरूप गुणवत्तापूर्ण ढलाई की जा रही है। निर्माण के दौरान सड़क की मजबूती, लेवल और थिकनेस सहित सभी तकनीकी मानकों का विशेष ध्यान रखा जा रहा है।
महत्वपूर्ण और व्यस्त मार्ग है संयोगिता मार्ग
यह मार्ग केवल एक संपर्क मार्ग नहीं, बल्कि क्षेत्र का एक महत्वपूर्ण और व्यस्त मार्ग है। यह संयोगिता मार्ग उधरनपुर से शुरू होकर बहावलपुर तक जाता है। इस बीच यह जरारी, भड़ौसा, श्रृंगीरामपुर जैसे कई गांवों को जोड़ते हुए छिबरामऊ को श्रृंगीरामपुर से जोड़ता है।
श्रृंगीरामपुर गंगा स्नान के कारण एक प्रसिद्ध टूरिस्ट स्थल है, जहां स्नान पर्वों और मेलों के दौरान भारी भीड़ रहती है। ऐसे में इस मार्ग पर आवागमन का दबाव हमेशा बना रहता है। मार्ग के जर्जर होने से स्थानीय लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ता था।
स्थानीय ग्रामीण प्रदीप सिंह ने बताया कि सड़क खराब होने से बरसात के दिनों में स्थिति और भी दयनीय हो जाती थी। आवागमन बाधित हो जाता था। अब चौड़ीकरण और सीसी निर्माण से लोगों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है।
निर्माण से फिलहाल दिक्कत भी
वहीं दूसरी ओर, निर्माण कार्य जारी होने से फिलहाल पैदल और साइकिल सवारों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। पूरी सड़क पर जगह-जगह गिट्टी, पत्थर बिखरे पड़े हैं। आबादी वाले क्षेत्रों में जहां-जहां सीसी रोड का निर्माण चल रहा है, वहां आवाजाही में असुविधा हो रही है। ग्रामीणों ने प्रशासन से निर्माण के दौरान वैकल्पिक व्यवस्था और कार्य में तेजी लाने की मांग की है।


