लखनऊ। उत्तर प्रदेश में युवाओं को कौशल प्रशिक्षण देने के काम में लापरवाही बरतने वाली संस्थाओं के खिलाफ उत्तर प्रदेश कौशल विकास मिशन ने सख्त रुख अपनाया है। मिशन ने निर्धारित लक्ष्य के अनुरूप काम नहीं करने और लंबे समय से निष्क्रिय पड़ी 93 प्रशिक्षण संस्थाओं को नोटिस जारी किया है। इन संस्थाओं से एक सप्ताह के भीतर जवाब मांगा गया है। संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर संबंधित संस्थाओं के खिलाफ नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी।

कौशल विकास मिशन प्रदेश के युवाओं को रोजगारपरक प्रशिक्षण उपलब्ध कराने के लिए विभिन्न योजनाओं और परियोजनाओं का संचालन करता है। इसके तहत प्रशिक्षण संस्थाओं को लक्ष्य आवंटित किए जाते हैं, ताकि अधिक से अधिक युवाओं को हुनरमंद बनाकर रोजगार के अवसरों से जोड़ा जा सके। मिशन की ओर से अब इन संस्थाओं के कामकाज की निगरानी और आवंटित लक्ष्यों की समीक्षा तेज कर दी गई है। समीक्षा के दौरान कई संस्थाओं की ओर से प्रशिक्षण गतिविधियां संचालित नहीं किए जाने और प्रगति संतोषजनक नहीं मिलने का मामला सामने आया है।

मिशन ने 62 ऐसी प्रशिक्षण संस्थाओं को नोटिस जारी किया है, जो पिछले तीन वर्षों से किसी भी प्रशिक्षण कार्यक्रम या परियोजना का संचालन नहीं कर रही हैं। ये संस्थाएं वित्तीय वर्ष 2026-27 में भी सक्रिय नहीं पाई गईं। इन्होंने जिला स्तर पर कोई प्रशिक्षण लक्ष्य भी नहीं लिया है। लंबे समय से निष्क्रिय रहने के बावजूद इन संस्थाओं की ओर से प्रशिक्षण गतिविधियां शुरू नहीं किए जाने को गंभीर लापरवाही माना गया है।

इसके अलावा 31 अन्य संस्थाओं को भी नोटिस जारी किया गया है। इन संस्थाओं को एक अप्रैल 2026 को प्रशिक्षण लक्ष्य आवंटित किए गए थे, लेकिन छह महीने बीतने के बाद भी इन्होंने प्रशिक्षण शुरू नहीं किया। आवंटित लक्ष्य के सापेक्ष इनकी प्रगति शून्य दर्ज की गई है। यानी निर्धारित अवधि में इन संस्थाओं की ओर से एक भी प्रशिक्षण गतिविधि पूरी नहीं की गई।