फर्रुखाबाद। जिला गंगा समिति के तत्वावधान में गंगा नदी को राष्ट्रीय नदी घोषित किए जाने के उपलक्ष्य में पांचाल घाट पर भव्य गंगा उत्सव कार्यक्रम का आयोजन किया गया। प्रभागीय निदेशक राजीव कुमार के निर्देशन में आयोजित इस कार्यक्रम में गंगा महाआरती, दीप उत्सव, सांस्कृतिक कार्यक्रम, घाट पर हाट सहित विभिन्न जागरूकता कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में अतिथियों, स्थानीय नागरिकों और बच्चों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में मुख्य विकास अधिकारी विनोद कुमार गौड़ अपने परिवार सहित उपस्थित रहे। उन्होंने विभिन्न कार्यक्रमों में शामिल प्रतिभागियों का उत्साहवर्धन किया। इस दौरान उन्होंने कहा कि गंगा तट को स्वच्छ, अविरल और निर्मल बनाए रखना केवल प्रशासन की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि इसमें प्रत्येक नागरिक की सहभागिता बेहद जरूरी है। उन्होंने लोगों से अपील की कि गंगा तट पर किसी भी प्रकार की गंदगी न फैलाएं और नदी को स्वच्छ रखने में अपना योगदान दें।
विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित ब्लॉक प्रमुख राजेपुर पल्लव सोमवंशी ने कहा कि नदियां हमारे जीवन और पर्यावरण का महत्वपूर्ण आधार हैं। हमें यह समझना होगा कि अपनी नदियों और पर्यावरण को बचाना कितना आवश्यक है। इसके लिए प्रत्येक व्यक्ति को अपनी जिम्मेदारी समझते हुए संरक्षण के कार्य में सहयोग करना चाहिए।
कार्यक्रम के दौरान खंड विकास अधिकारी योगेश कुमार, गंगा विचार मंच के संयोजक भूपेंद्र प्रताप सिंह, साइबर क्राइम विभाग के आशीष कुशवाहा सहित अन्य अतिथियों ने भी अपने विचार रखे और गंगा संरक्षण के महत्व पर प्रकाश डाला।
उत्सव के दौरान बच्चों ने सांस्कृतिक प्रस्तुतियों और नुक्कड़ नाटक के माध्यम से लोगों को नदियों को प्रदूषण से बचाने तथा पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया। बच्चों की प्रस्तुतियों ने उपस्थित लोगों का ध्यान आकर्षित किया। जिला परियोजना अधिकारी निहारिका पटेल ने कार्यक्रम में पहुंचे अतिथियों और अन्य लोगों को गंगा संरक्षण के प्रति जागरूक करते हुए स्वच्छता एवं जनभागीदारी का महत्व बताया।
कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण गंगा महाआरती और दीप उत्सव रहा। आचार्य प्रदीप नारायण शुक्ल ने आचार्यों के माध्यम से विधि-विधान के साथ गंगा महाआरती संपन्न कराई। इसके बाद घाट पर उपस्थित लोगों ने सामूहिक रूप से दीप उत्सव में भाग लिया। इस दौरान 5100 दीप जलाकर गंगा तट पर 'गंगा उत्सव' लिखा गया। हजारों दीपों की रोशनी से पांचाल घाट का वातावरण भक्तिमय और आकर्षक हो गया।
इसके साथ ही घाट पर हाट कार्यक्रम का भी आयोजन किया गया, जिसमें विभिन्न गतिविधियों के माध्यम से लोगों को गंगा और पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूक किया गया। कार्यक्रम का संचालन प्रशिक्षक रोहित दीक्षित एवं वैभव सोमवंशी ने किया।



