लखनऊ | लखनऊ के चौधरी चरण सिंह अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर गुरुवार को सुरक्षा जांच के दौरान उस समय हलचल मच गई, जब एक यात्री के हैंड बैग से .32 बोर के आठ कारतूस बरामद हुए। कारतूस मिलने के बाद एयरपोर्ट पर तैनात सुरक्षा कर्मचारियों ने तत्काल मामले को गंभीरता से लेते हुए संबंधित अधिकारियों को सूचना दी। इसके बाद यात्री से पूछताछ की गई और पुलिस को मामले की जानकारी दी गई।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, यात्री अहमदाबाद जाने वाली फ्लाइट से यात्रा करने के लिए एयरपोर्ट पहुंचा था। नियमित सुरक्षा जांच के दौरान उसके हैंड बैग में संदिग्ध वस्तु दिखाई देने पर बैग की तलाशी ली गई। जांच में .32 बोर के आठ कारतूस मिले। कारतूस बरामद होने की सूचना से एयरपोर्ट परिसर में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सतर्कता बढ़ा दी गई।
कारतूस मिलने के बाद यात्री से उनके संबंध में जानकारी मांगी गई। यात्री ने संबंधित हथियार का लाइसेंस प्रस्तुत किया। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, लाइसेंस की जांच और आवश्यक पूछताछ के बाद पुलिस ने उसे जाने की अनुमति दे दी।
हालांकि, इस पूरी प्रक्रिया में काफी समय बीत गया। जब तक जांच और पूछताछ पूरी हुई, तब तक अहमदाबाद जाने वाली फ्लाइट रवाना हो चुकी थी। इस कारण यात्री अपनी निर्धारित यात्रा नहीं कर सका और उसकी फ्लाइट छूट गई।
हवाई अड्डे देश के सबसे संवेदनशील सार्वजनिक स्थानों में शामिल होते हैं। यहां यात्रियों के सामान की जांच के लिए विशेष सुरक्षा व्यवस्था लागू रहती है। ऐसे में हैंड बैग से कारतूस मिलने की घटना ने एक बार फिर एयरपोर्ट सुरक्षा और हथियार संबंधी नियमों के पालन को लेकर चर्चा शुरू कर दी है।
विमान यात्रा के दौरान हथियार और गोला-बारूद ले जाने के लिए निर्धारित नियमों का पालन करना आवश्यक होता है। केवल लाइसेंस होना अपने आप में विमान में कारतूस ले जाने की अनुमति नहीं माना जा सकता। इसके लिए संबंधित विमानन और सुरक्षा नियमों का पालन भी जरूरी है।
इस घटना से हवाई यात्रा करने वाले यात्रियों को भी सतर्क रहने की जरूरत है। यात्रा से पहले अपने बैग की अच्छी तरह जांच कर लेनी चाहिए। हथियार या गोला-बारूद से संबंधित किसी भी वस्तु को लेकर एयरपोर्ट पहुंचने से पहले एयरलाइन और संबंधित अधिकारियों से लागू नियमों की जानकारी अवश्य लेनी चाहिए।



