अयोध्या: अयोध्या (Ayodhya) की रामनगरी (City of Rama) में शनिवार को दीपोत्सव के 10वें संस्करण के दौरान 30 लाख सात हजार 518 दीप प्रज्वलित किए गए। इस मौके पर उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और राज्यपाल आनंदीबेन पटेल की मौजूदगी में भगवान श्रीराम का प्रतीकात्मक राज्याभिषेक हुआ। शोभायात्रा, सरयू महाआरती, ड्रोन शो और आतिशबाजी ने आयोजन को भव्य रूप दिया।

दीपोत्सव की शुरुआत सुबह 10 बजे साकेत महाविद्यालय से श्रीराम राज्याभिषेक शोभायात्रा के साथ हुई। करीब तीन किलोमीटर का सफर तय करने के बाद शोभायात्रा रामकथा पार्क पहुंची। इसमें प्रदेश सरकार की उपलब्धियों को प्रदर्शित करने वाली 14 झांकियों के साथ रामायण के सातों कांडों पर आधारित झांकियां शामिल रहीं।

इस आयोजन में 14 राज्यों के 500 से अधिक कलाकारों ने अपनी लोककलाओं और सांस्कृतिक परंपराओं की प्रस्तुतियां दीं। रास्ते में जगह-जगह अयोध्यावासियों ने पुष्पवर्षा कर शोभायात्रा का स्वागत किया। जय श्रीराम के जयघोष के बीच लोगों ने इस आयोजन को अपने मोबाइल में भी रिकॉर्ड किया।

दीपोत्सव में 30 लाख दीप जलाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया था, लेकिन इससे अधिक दीप प्रज्वलित किए गए। नोडल अधिकारी प्रो. संत शरण मिश्र के मुताबिक, इस बार कुल 30,07,518 दीप एक साथ जलाए गए।

उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन के पहुंचने के बाद रामकथा पार्क में भगवान श्रीराम के राज्याभिषेक का कार्यक्रम आयोजित हुआ। रामचरितमानस की चौपाइयों के बीच सबसे पहले उपराष्ट्रपति ने भगवान श्रीराम का राजतिलक किया। इसके बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने तिलक लगाकर आरती की।

उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक और मंत्रिमंडल के अन्य सदस्यों के साथ रामनगरी के प्रमुख संतों ने भी राम दरबार की आरती उतारी। दोपहर करीब ढाई बजे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ रामकथा पार्क पहुंचे थे। इसके बाद वह उपराष्ट्रपति और राज्यपाल के साथ राम मंदिर गए, जहां तीनों ने रामलला की आरती की और दीप प्रज्वलित कर दीपोत्सव का प्रतीकात्मक शुभारंभ किया।

राम मंदिर में दर्शन-पूजन के बाद सभी रामकथा पार्क लौटे. यहां हेलीकॉप्टर से पहुंचे भगवान श्रीराम, माता सीता, लक्ष्मण, भरत, शत्रुघ्न और हनुमान के स्वरूपों का विधिवत पूजन किया गया. इसके बाद रामदरबार के मंच पर उपराष्ट्रपति और मुख्यमंत्री ने भगवान श्रीराम का प्रतीकात्मक राज्याभिषेक किया।

राज्याभिषेक के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन राम की पैड़ी पहुंचे।

यहां 2100 से अधिक लोगों ने एक साथ सरयू नदी की महाआरती की। मंत्रोच्चार और शंखनाद के बीच घाट पर दीपों की कतारों ने आकर्षक दृश्य प्रस्तुत किया। इसके बाद आसमान में ड्रोन शो और लेजर शो का आयोजन हुआ। आतिशबाजी ने भी उत्सव की रौनक बढ़ाई। अयोध्या के घाटों, मंदिरों और दूसरे प्रमुख स्थानों पर प्रज्वलित दीपों से पूरी रामनगरी जगमगा उठी।

दीपोत्सव के मुख्य अतिथि उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन ने श्रीरामजन्मभूमि मंदिर को संपूर्ण हिंदू स्वाभिमान का स्मारक बताया। रामकथा पार्क में आयोजित कार्यक्रम में उन्होंने कहा कि करीब 500 वर्षों तक रामजन्मभूमि लाखों रामभक्तों की आस्था और अधूरी आकांक्षाओं का केंद्र रही। लंबे संघर्ष और इंतजार के बाद आज वहां भव्य मंदिर स्थापित है।