नई दिल्ली: INDIA गठबंधन (alliance) की महारैली में जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री फारूक अब्दुल्ला (Farooq Abdullah) और महबूबा मुफ्ती ने केंद्र सरकार पर जमकर निशाना साधा। दोनों नेताओं ने वोट के अधिकार, कथित वोट चोरी और देश में सांप्रदायिक भेदभाव के मुद्दे पर सरकार को घेरा। फारूक अब्दुल्ला ने मुसलमानों को बार-बार पाकिस्तानी बताए जाने पर सवाल उठाए, जबकि महबूबा मुफ्ती ने आरोप लगाया कि सरकार जनता से मतदान का अधिकार छीनना चाहती है।
महारैली को संबोधित करते हुए फारूक अब्दुल्ला ने कहा कि देश में मुसलमानों को बार-बार पाकिस्तानी कहा जाता है, जबकि भारत की आजादी की लड़ाई में मुस्लिम समुदाय ने भी अपना खून बहाया है। उन्होंने वोट चोरी का आरोप लगाते हुए दावा किया कि करीब एक करोड़ हिंदुओं के नाम भी मतदाता सूची से काटे गए हैं। उन्होंने सवाल किया, ”क्या वे भी पाकिस्तानी थे?”
फारूक अब्दुल्ला ने कहा कि भारत में रहने वाले हिंदू, मुस्लिम, सिख और ईसाई सभी भारतीय हैं और प्रत्येक नागरिक को वोट देने का समान अधिकार मिलना चाहिए। उन्होंने लोकतंत्र में मतदान की ताकत मजबूत करने की अपील करते हुए कहा कि सरकार का समर्थन करने वालों को भी गलत के खिलाफ आवाज उठानी चाहिए।
जम्मू-कश्मीर का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि यह कल भी भारत का हिस्सा था और आगे भी रहेगा। उन्होंने जोर दिया कि देश का कोई भी राज्य विकास के मामले में पीछे नहीं रहना चाहिए।
वहीं, महबूबा मुफ्ती ने महारैली में शामिल लोगों का आभार जताते हुए कहा कि उनकी मौजूदगी इस बात का संकेत है कि लोग देश की मौजूदा समस्याओं को समझते हैं और बदलाव चाहते हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि 2014 तक देश में बनाई गई संपत्तियों और व्यवस्थाओं को नुकसान पहुंचाया गया है। महबूबा ने दावा किया कि सरकार लोगों से उनका वोट देने का अधिकार छीनना चाहती है।
उन्होंने राम मंदिर का जिक्र करते हुए भी सरकार पर गंभीर आरोप लगाए और चेतावनी दी कि देश को जम्मू-कश्मीर जैसी परिस्थितियों की ओर नहीं धकेला जाना चाहिए। महबूबा मुफ्ती ने कहा कि वह जनता के अधिकारों की रक्षा के लिए इस लड़ाई में कंधे से कंधा मिलाकर खड़ी हैं और लोकतांत्रिक अधिकारों के लिए संघर्ष जारी रखेंगी।



