सुल्तानपुर: उत्तर प्रदेश में आम आदमी पार्टी के सांसद संजय सिंह (Sanjay Singh) ने रविवार को अपने गृह जनपद पहुंचने के दौरान समाजवादी पार्टी नेता आजम खां (Azam Khan)  की गिरफ्तारी को लेकर केंद्र सरकार और प्रवर्तन निदेशालय पर निशाना साधा। उन्होंने आजम खां की जेल से रिहाई के तुरंत बाद हुई ईडी की गिरफ्तारी को अत्याचार की पराकाष्ठा बताते हुए कहा कि अब कानून और अदालत के आदेशों का कोई महत्व नहीं रह गया है।

निजी कार्यक्रमों में शामिल होने के बाद मीडिया से बातचीत में संजय सिंह ने कहा कि आजम खां को लंबी कानूनी लड़ाई के बाद हाईकोर्ट से जमानत मिली थी। इसके बावजूद जेल से बाहर आते ही उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया।

संजय सिंह ने आरोप लगाया कि गिरफ्तारी से पहले ईडी को सम्मन जारी करने, पूछताछ करने और कार्रवाई का कारण बताने जैसी प्रक्रियाओं का पालन करना चाहिए था। उनके मुताबिक, आजम खां के मामले में इन प्रक्रियाओं का पालन नहीं किया गया।

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के अंगद के पैर वाले बयान पर भी संजय सिंह ने प्रतिक्रिया दी। उन्होंने अवधी में पलटवार करते हुए कहा कि अवध रावण की लंका नहीं है। उन्होंने कहा कि अंगद ने अपना पैर रावण की लंका में जमाया था, इसलिए भाजपा के नेताओं को वहीं जाकर पैर जमाना चाहिए।

दिल्ली में इंडिया ब्लॉक के प्रदर्शन में आम आदमी पार्टी के शामिल नहीं होने को लेकर संजय सिंह ने कहा कि उनकी पार्टी इस गठबंधन का हिस्सा नहीं है। उन्होंने स्पष्ट किया कि आप अपनी लड़ाई सड़क और संसद दोनों जगह लड़ रही है।

संजय सिंह ने ज्ञानेश कुमार पर 13.37 करोड़ वोटों की चोरी का आरोप लगाया। उन्होंने इस मामले में उनके इस्तीफे और गिरफ्तारी की मांग की। इसके साथ ही उन्होंने बांग्लादेशी, पाकिस्तानी और रोहिंग्या घुसपैठियों की संख्या से जुड़े आंकड़े सार्वजनिक करने की चुनौती भी दी।