लखनऊ। लखनऊ के किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी (KGMU) में धर्मांतरण और कथित लव जिहाद से जुड़े आरोपों के मामले में शासन ने कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। स्पेशल टास्क फोर्स (STF) की जांच रिपोर्ट में चिह्नित डॉक्टरों और कर्मचारियों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई करने की जिम्मेदारी KGMU प्रशासन को सौंपी गई है। इसके साथ ही चिकित्सा शिक्षा विभाग ने विश्वविद्यालय के कुलसचिव से की गई कार्रवाई की रिपोर्ट भी मांगी है। इस संबंध में संयुक्त सचिव आनंद कुमार त्रिपाठी ने 30 अक्टूबर को पत्र जारी किया।

शासन की ओर से जारी निर्देश में कहा गया है कि STF की जांच रिपोर्ट में जिन डॉक्टरों और कर्मचारियों के नाम सामने आए हैं, उनके मामलों में KGMU अधिनियम-2002 और परिनियमावली-2011 के प्रावधानों के तहत कार्रवाई की जाए। प्रशासन को संबंधित नियमों और उपलब्ध तथ्यों के आधार पर आगे की प्रक्रिया पूरी करनी होगी। चिकित्सा शिक्षा विभाग ने इस मामले को लेकर विश्वविद्यालय प्रशासन से कार्रवाई का विवरण उपलब्ध कराने को कहा है।

बताया गया है कि शासन के ये निर्देश अपर पुलिस महानिदेशक, कानून-व्यवस्था/STF की ओर से 25 अगस्त 2026 को भेजी गई जांच रिपोर्ट के आधार पर जारी किए गए हैं। STF की रिपोर्ट में KGMU से जुड़े कुछ डॉक्टरों और कर्मचारियों को चिह्नित किया गया है। अब शासन के निर्देश के बाद विश्वविद्यालय प्रशासन को संबंधित मामलों में संस्थागत नियमों के अनुसार कार्रवाई करनी होगी।

STF की जांच रिपोर्ट में KGMU के पैथोलॉजी विभाग के रेजिडेंट डॉक्टर डॉ. रमीज का मामला भी शामिल बताया गया है। उन पर एक महिला रेजिडेंट डॉक्टर को प्रेमजाल में फंसाने, धर्म परिवर्तन के लिए दबाव बनाने और निकाह करने के आरोप लगाए गए हैं। ये आरोप जांच रिपोर्ट में शामिल मामले का हिस्सा हैं। शासन ने रिपोर्ट के आधार पर संबंधित डॉक्टरों और कर्मचारियों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं।

अब इस मामले में KGMU प्रशासन की भूमिका महत्वपूर्ण होगी। विश्वविद्यालय को संबंधित अधिनियम और परिनियमावली के प्रावधानों के तहत मामलों की समीक्षा कर आवश्यक कार्रवाई करनी है। चिकित्सा शिक्षा विभाग ने कुलसचिव से कार्रवाई की रिपोर्ट मांगी है, जिससे शासन को यह जानकारी मिल सके कि जांच रिपोर्ट में चिह्नित लोगों के संबंध में क्या कदम उठाए गए हैं। फिलहाल उपलब्ध जानकारी में विश्वविद्यालय प्रशासन की ओर से की गई अंतिम कार्रवाई का विवरण सामने नहीं आया है।