- खेत से घर लौट रहे युवक को लाठी-डंडों और लात-घूंसों से पीटने का आरोप
- आरोपियों के दरवाजे पर मरणासन्न हालत में मिला युवक
- घर पहुंचते ही तोड़ा दम
- पुलिस पर परिजनों की मर्जी के बिना शव उठाने का आरोप, विरोध में मृतक का भाई छत पर चढ़ा
- सीओ सिटी ने पुलिस जीप में रखवाया शव
फर्रुखाबाद।थाना मऊदरवाजा क्षेत्र के जनैया साठइया गांव में मामूली विवाद को लेकर एक युवक की पीट-पीटकर हत्या कर दी गईं । मृतक के परिजनों ने गांव के पूर्व प्रधान और उनके साथियों पर युवक को लाठी-डंडों, लात-घूंसों से बेरहमी से पीटने का आरोप लगाया है। गंभीर रूप से घायल युवक को आरोपियों ने कथित तौर पर अपने दरवाजे के बाहर मरणासन्न हालत में छोड़ दिया। परिजन उसे घर लेकर पहुंचे, जहां उसने दम तोड़ दिया।
बताया गया कि युवक खेत से काम करके अपने घर लौट रहा था। इसी दौरान मामूली विवाद को लेकर पूर्व प्रधान और उनके साथियों से उसका विवाद हो गया। आरोप है कि दबंगों ने युवक को घेर लिया और लाठी-डंडों तथा लात-घूंसों से जमकर पिटाई की। मारपीट में युवक गंभीर रूप से घायल हो गया। आरोपियों ने उसे अपने दरवाजे के बाहर छोड़ दिया।
कुछ ग्रामीणों ने युवक को आरोपियों के घर के बाहर पड़ा देखा तो उसके परिजनों को सूचना दी। परिजन मौके पर पहुंचे और उसे घर लेकर आए। युवक की हालत लगातार बिगड़ती गई और उसने दम तोड़ दिया। युवक की मौत की खबर मिलते ही परिवार में चीख-पुकार मच गई। गांव में भी तनावपूर्ण माहौल बन गया।
घटना की सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची। आरोप है कि पुलिस ने परिजनों की सहमति के बिना शव को कब्जे में लेने का प्रयास किया। इस पर मृतक के परिजनों ने विरोध शुरू कर दिया और आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग करने लगे।
विवाद उस समय और बढ़ गया, जब पुलिस द्वारा शव ले जाने के प्रयास के विरोध में मृतक का भाई छत पर चढ़ गया और वहां से कूदने का प्रयास करने लगा। मौके पर मौजूद लोगों और पुलिसकर्मियों के बीच अफरा-तफरी की स्थिति बन गई।
परिजनों के लगातार विरोध के बीच सीओ सिटी ने पुलिसकर्मियों से शव को उठवाकर पुलिस जीप में रखवाया। इस दौरान मृतक के परिजन आरोपियों के खिलाफ तत्काल कार्रवाई की मांग करते रहे।
मृतक के परिजनों ने पूर्व प्रधान और उसके साथियों पर युवक की हत्या का आरोप लगाते हुए कड़ी कार्रवाई की मांग की है। फिलहाल मामले में पुलिस की जांच और पोस्टमार्टम रिपोर्ट से मौत की परिस्थितियां स्पष्ट होंगी। घटना में शामिल लोगों की भूमिका और मारपीट के वास्तविक कारणों की भी जांच जरूरी है।
जनैया साठइया गांव में हुई इस घटना के बाद कई सवाल खड़े हो गए हैं। परिजनों का आरोप है कि युवक को बेरहमी से पीटकर मरणासन्न हालत में छोड़ दिया गया और समय पर उपचार नहीं मिलने से उसकी मौत हो गई। अब सभी की निगाहें पुलिस की जांच और आरोपियों के खिलाफ होने वाली कार्रवाई पर टिकी हैं।


