उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के सआदतगंज थाना क्षेत्र के नौबस्ता स्थित ब्राह्मणी टोला में हुए तिहरे हत्याकांड के बाद मृतक परिवार में आक्रोश है। सोमवार, 26 अक्टूबर को पार्किंग विवाद के बाद हुई गोलीबारी में शिवाजी तिवारी, उनके भाई शिवेंद्र तिवारी और बेटे सुयश तिवारी की मौत हो गई। घटना के बाद परिजनों और स्थानीय लोगों ने आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग करते हुए प्रदर्शन किया।
इस मामले में मृतक की बेटी सामने आई और उसने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से न्याय की गुहार लगाई। उसने भावुक अपील करते हुए कहा, “योगी जी की बेटी अनाथ हुई है, इस घर पर बुलडोजर चले।” परिवार की मांग है कि आरोपियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाए और पीड़ित परिवार को न्याय मिले। घटना के बाद इलाके में तनाव को देखते हुए भारी पुलिस बल तैनात किया गया।
परिजनों ने आरोप लगाया कि दोनों पक्षों के बीच पहले से विवाद चल रहा था और पुलिस ने समय रहते उचित कार्रवाई नहीं की। प्रदर्शन के दौरान आरोपी के घर पर बुलडोजर चलाने, परिवार को मुआवजा देने और मृतक की बेटी को सरकारी नौकरी उपलब्ध कराने जैसी मांगें उठाई गईं। मामले में पुलिस प्रशासन ने भी कार्रवाई करते हुए सआदतगंज थाना प्रभारी संतोष कुमार आर्य और कश्मीरी मोहल्ला चौकी प्रभारी अजय कुमार चौरसिया को निलंबित कर दिया।
पुलिस के मुताबिक, इस मामले में मुख्य आरोपी को गिरफ्तार किया गया है और घटना की जांच जारी है। उधर, उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने पीड़ित परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी देने, मृतक की बेटी की पढ़ाई का खर्च उठाने और परिवार को सुरक्षा देने की घोषणा की है। उन्होंने आरोपी के अवैध निर्माण के खिलाफ बुलडोजर कार्रवाई की बात भी कही। अब पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने और मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई पर सबकी नजरें टिकी हैं।

