दिल्ली में पशु कल्याण कार्यकर्ता जागृति मिश्रा के निर्माणाधीन पशु आश्रय स्थल को गिराए जाने के मामले में बड़ा प्रशासनिक एक्शन लिया गया है। दिल्ली नगर निगम (MCD) ने कनिष्ठ अभियंता विकास कुमार गुप्ता को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। यह कार्रवाई मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के हस्तक्षेप और मामले की जांच के निर्देश के बाद की गई है।
यह मामला बाहरी दिल्ली के निजामपुर गांव में जागृति मिश्रा के निर्माणाधीन पशु आश्रय से जुड़ा है। जागृति का आरोप है कि आश्रय स्थल की दीवारों को बिना पूर्व सूचना के गिरा दिया गया, जिससे उन्हें आर्थिक नुकसान हुआ। इस घटना के बाद मामला चर्चा में आया और प्रशासन से कार्रवाई की मांग की गई।
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने 25 अक्टूबर को जागृति मिश्रा से मुलाकात कर उन्हें हरसंभव सहायता का भरोसा दिया था। मुख्यमंत्री ने संबंधित कनिष्ठ अभियंता के आचरण की जांच कराने, जिम्मेदार लोगों के खिलाफ पुलिस कार्रवाई करने और जिला प्रशासन को पशु आश्रय स्थापित करने में मदद देने के निर्देश दिए। इसके अलावा, मुख्यमंत्री राहत कोष से पांच लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने की घोषणा भी की गई।
नगर निगम के आदेश के अनुसार, विकास कुमार गुप्ता को तत्काल प्रभाव से निलंबित किया गया है और उनके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई पर विचार किया जा रहा है। अब मामले की जांच में यह स्पष्ट होगा कि आश्रय स्थल को गिराने की कार्रवाई किन परिस्थितियों में हुई और किसकी क्या भूमिका रही। प्रशासन ने दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ कानून के तहत कार्रवाई का भरोसा दिया है।

