नई दिल्ली: कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के नेता सौरव दास (Saurav Das) और आशुतोष रांका (Ashutosh Ranka) गुरुवार को दिल्ली पुलिस (Delhi Police) के सामने पेश हुए। दोनों को जंतर-मंतर पर अनधिकृत प्रवेश के मामले में चल रही जांच में शामिल होने के लिए बुलाया गया था। समन मिलने के बाद दोनों राजौरी गार्डन स्थित दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच कार्यालय पहुंचे।
दिल्ली पुलिस ने सौरव दास और आशुतोष रांका को जंतर-मंतर पर अनधिकृत प्रवेश से जुड़े मामले की जांच में शामिल होने के लिए समन जारी किया था। इसी सिलसिले में दोनों गुरुवार को क्राइम ब्रांच कार्यालय पहुंचे, जहां उनसे मामले को लेकर पूछताछ की जानी है।
इससे पहले दिल्ली पुलिस ने सौरव दास, आशुतोष रांका और अजिंक्य शिंदे को 22 अक्टूबर को दोपहर 12 बजे पूछताछ के लिए बुलाया था, लेकिन तीनों उस दिन क्राइम ब्रांच के सामने पेश नहीं हुए थे। आशुतोष रांका ने इस बारे में कहा था कि वे पिछली तारीख पर क्राइम ब्रांच नहीं जा सके थे और उन्होंने पुलिस को इसकी जानकारी पहले ही दे दी थी।
उन्होंने कहा, “हम उनकी ओर से कोई सूचना मिलने का इंतजार कर रहे हैं। हमें अभी तक कोई निश्चित तारीख नहीं मिली है। हम पिछली तारीख पर नहीं जा सके थे और हमने उन्हें इस बारे में बता दिया था। उन्होंने कहा था कि वे समय की जानकारी देंगे, इसलिए हम क्राइम ब्रांच के जवाब का इंतजार कर रहे हैं।”
दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने मामले की जांच के सिलसिले में तीनों नेताओं को राजौरी गार्डन स्थित अपने कार्यालय में पूछताछ के लिए बुलाया था। गुरुवार को सौरव दास और आशुतोष रांका जांच में शामिल होने के लिए पहुंचे।
दरअसल, सौरव दास और आशुतोष रांका को 13 अक्टूबर को जंतर-मंतर पर हुए विरोध प्रदर्शन के सिलसिले में हिरासत में लिया गया था। गौरतलब है कि जंतर-मंतर को अब विरोध प्रदर्शन के लिए निर्धारित स्थल के रूप में मान्यता प्राप्त नहीं है।
स्पेशल एग्जीक्यूटिव मजिस्ट्रेट ऋतु राज ने दोनों नेताओं को निर्देश दिया था कि जांच पूरी होने तक वे 50-50 हजार रुपये के निजी मुचलके और जमानत बॉन्ड जमा करें। अदालत ने यह भी स्पष्ट किया था कि दोनों नेताओं को प्रत्येक सुनवाई की तारीख पर पेश होना होगा। इसके अलावा उन्हें अपने बॉन्ड और लिखित वचन में दी गई सभी शर्तों का पालन करना होगा।
सौरव दास और आशुतोष रांका ने अदालत के सामने लिखित वचन दिया था कि वे शांति बनाए रखेंगे और सार्वजनिक व्यवस्था में किसी तरह का खलल नहीं डालेंगे। दोनों ने यह भी आश्वासन दिया कि जब तक कानून के अनुसार जंतर-मंतर को विरोध प्रदर्शन के लिए निर्धारित स्थल की अधिसूचना से बाहर नहीं किया जाता, तब तक वे वहां किसी विरोध प्रदर्शन का आह्वान नहीं करेंगे। दोनों CJP नेताओं ने अदालत को भरोसा दिलाया कि भविष्य में होने वाले उनके विरोध प्रदर्शन संवैधानिक दायरे के भीतर ही होंगे और कानून का पालन किया जाएगा।




