1960 में डिस्पेंसरी से हुई थी शुरुआत, आज 401 बेड के अस्पताल में मिल रहीं विशेषज्ञ चिकित्सा सुविधाएं

लखनऊ। हजरतगंज स्थित डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी (सिविल) चिकित्सालय ने छह दशक से अधिक के सफर में स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में अपनी अलग पहचान बनाई है। वर्ष 1960 में एक छोटी सी सिविल डिस्पेंसरी के रूप में शुरू हुआ यह संस्थान आज 401 बेड के मल्टीस्पेशियलिटी अस्पताल के रूप में विकसित हो चुका है। इस दौरान अस्पताल में न केवल बेड की संख्या बढ़ी, बल्कि विभिन्न विशेषज्ञ विभागों और आधुनिक चिकित्सा सुविधाओं का भी लगातार विस्तार हुआ।

अस्पताल की विकास यात्रा वर्ष 1960 में हजरतगंज में सिविल डिस्पेंसरी की स्थापना से शुरू हुई। वर्ष 1962 में इसे अस्पताल के रूप में विस्तारित किया गया। वर्ष 1991 में इसका नाम डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी चिकित्सालय रखा गया। इसके बाद वर्ष 1993 में 60 बेड के आईपीडी कॉम्प्लेक्स का उद्घाटन हुआ। वर्ष 2003 में 15 बेड के बर्न एवं प्लास्टिक सर्जरी विभाग की शुरुआत हुई, जबकि वर्ष 2013 में 50 बेड का बाल चिकित्सा विभाग स्थापित किया गया। वर्ष 2014 से 2026 के बीच भी अस्पताल की आधारभूत संरचना और चिकित्सा सुविधाओं में निरंतर विस्तार हुआ।

बेहतर उपचार और सुलभ सुविधाएं प्राथमिकता

चिकित्सालय के निदेशक एवं प्रमुख अधीक्षक डॉ. जीपी गुप्ता ने बताया कि एक छोटी डिस्पेंसरी से 401 बेड के मल्टीस्पेशियलिटी अस्पताल तक पहुंचना संस्थान की बड़ी उपलब्धि है। यह विकास यात्रा स्वास्थ्य सेवाओं के प्रति समर्पण और मरीजों को बेहतर उपचार उपलब्ध कराने के निरंतर प्रयासों का परिणाम है। उन्होंने कहा कि अस्पताल में मरीजों को गुणवत्तापूर्ण उपचार, जरूरी जांच और विशेषज्ञ चिकित्सकीय सेवाएं उपलब्ध कराना प्राथमिकता है। भविष्य में भी सुविधाओं के विस्तार और व्यवस्थाओं को और बेहतर बनाने के प्रयास जारी रहेंगे।