वॉशिंगटन: अमेरिका में मिडटर्म चुनाव के लिए मतदान जारी है। भारतीय समयानुसार मंगलवार शाम 4:30 बजे वोटिंग शुरू हुई, जो बुधवार दोपहर 11:30 बजे तक चलेगी। मतदान के दौरान कुछ राज्यों में तकनीकी और मौसम संबंधी समस्याएं सामने आई हैं। न्यूयॉर्क के वेस्टचेस्टर जिले में कुछ वोटिंग मशीनें बैलट स्कैन नहीं कर पा रही हैं, जिससे मतदाताओं को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। वहीं, फ्लोरिडा में बाढ़ के कारण मतदान व्यवस्था प्रभावित हुई है। यहां 21 मतदान केंद्रों को दूसरी जगह स्थानांतरित करना पड़ा। खास बात यह है कि मतदान केंद्रों को बदलने का फैसला वोटिंग शुरू होने से महज 45 मिनट पहले लिया गया।
अमेरिका में राष्ट्रपति चुनाव के ठीक दो साल बाद मिडटर्म चुनाव कराए जाते हैं। इन चुनावों को राष्ट्रपति के कार्यकाल के बीच जनता के रुख और राजनीतिक समर्थन को समझने का महत्वपूर्ण अवसर माना जाता है। इस बार अमेरिकी संसद के निचले सदन हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स की सभी 435 सीटों पर मतदान हो रहा है। इसके अलावा उच्च सदन सीनेट की 35 सीटों के लिए भी मतदाता अपने प्रतिनिधियों का चुनाव कर रहे हैं। इन चुनावों के नतीजों का असर अमेरिकी संसद की राजनीतिक संरचना और आने वाले दो वर्षों के विधायी कामकाज पर पड़ सकता है।
फिलहाल राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प की रिपब्लिकन पार्टी के पास अमेरिकी संसद के दोनों सदनों में बहुमत है। ऐसे में इन चुनावों के नतीजे ट्रम्प प्रशासन के लिए काफी अहम माने जा रहे हैं। अगर रिपब्लिकन पार्टी हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स या सीनेट में से किसी एक सदन में भी अपना बहुमत खो देती है, तो सरकार के लिए अपने एजेंडे से जुड़े विधेयकों को पारित कराना मुश्किल हो सकता है। विपक्षी डेमोक्रेटिक पार्टी के लिए भी ये चुनाव अपनी राजनीतिक स्थिति मजबूत करने का बड़ा अवसर हैं। इसलिए दोनों प्रमुख राजनीतिक दलों की नजरें चुनाव परिणामों पर टिकी हुई हैं।


