नई दिल्ली। विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के बाद दिल्ली की ड्राफ्ट वोटर लिस्ट से जिन लोगों के नाम गायब हैं, उनके मामले में सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई हुई। मुख्य न्यायाधीश (CJI) ने प्रभावित मतदाताओं को आश्वस्त करते हुए कहा कि अगर ड्राफ्ट वोटर लिस्ट में उनका नाम नहीं आया है तो उन्हें घबराने की जरूरत नहीं है। अदालत इस मामले की सुनवाई कर रही है।

सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ताओं की ओर से पेश वकील प्रशांत भूषण ने कहा कि वर्ष 2026 की मतदाता सूची में शामिल कई लोगों के नाम SIR प्रक्रिया के दौरान हटा दिए गए हैं। उन्होंने इस प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुए कहा कि बड़ी संख्या में ऐसे मतदाता प्रभावित हुए हैं, जिनके नाम पहले वोटर लिस्ट में मौजूद थे।

इससे एक दिन पहले चुनाव आयोग ने ड्राफ्ट वोटर लिस्ट में नाम नहीं होने वाले लोगों को फॉर्म-6 भरने की सलाह दी थी। इस फॉर्म के माध्यम से पात्र नागरिक मतदाता सूची में अपना नाम शामिल कराने के लिए आवेदन कर सकते हैं। आयोग की ओर से मतदाताओं को निर्धारित प्रक्रिया के तहत दावा प्रस्तुत करने का विकल्प दिया गया है।

सुप्रीम कोर्ट में इस मामले की सुनवाई के दौरान मतदाताओं के अधिकार और SIR प्रक्रिया की पारदर्शिता का मुद्दा प्रमुखता से उठा। अदालत की टिप्पणी से उन लोगों को राहत मिलने की उम्मीद है, जिनके नाम ड्राफ्ट वोटर लिस्ट में शामिल नहीं हैं। अब इस मामले में आगे की सुनवाई और चुनाव आयोग के पक्ष पर सबकी नजर रहेगी।