तिरुवनंतपुरम। मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के खिलाफ करीब 20 साल पुराने रिश्वत मांगने के आरोपों की जांच के आदेश दिए गए हैं। केरलम के गृहमंत्री रमेश चेन्निथला ने विजिलेंस विभाग को मामले की जांच करने के निर्देश दिए हैं। यह मामला सड़क निर्माण परियोजना से जुड़ा हुआ है, जब ज्ञानेश कुमार केरल में लोक निर्माण विभाग (PWD) के सचिव के पद पर तैनात थे।

कोल्लम के ठेकेदार साजन ने आरोप लगाया है कि केरल स्टेट ट्रांसपोर्ट प्रोजेक्ट (KSTP) का काम पूरा होने के बाद भुगतान जारी करने के बदले उनसे दो करोड़ रुपये की रिश्वत मांगी गई थी। ठेकेदार के मुताबिक, कथित घटना के समय ज्ञानेश कुमार विभाग में सचिव की जिम्मेदारी संभाल रहे थे। हालांकि, इन आरोपों की सत्यता जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।

यह मामला ऐसे समय में सामने आया है, जब कांग्रेस और विपक्षी दल मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं को लेकर लगातार सवाल उठा रहे हैं। विपक्ष चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली और मतदाता सूची पुनरीक्षण की पारदर्शिता पर सवाल खड़े कर रहा है।

राजनीतिक दृष्टि से भी केरलम में यह मामला महत्वपूर्ण माना जा रहा है। राज्य में मई में हुए विधानसभा चुनाव में कांग्रेस के नेतृत्व वाले संयुक्त लोकतांत्रिक मोर्चा (UDF) ने 140 में से 97 सीटें जीतकर बहुमत हासिल किया था। इसके साथ ही कांग्रेस ने करीब 10 साल बाद राज्य की सत्ता में वापसी की। अब ज्ञानेश कुमार से जुड़े पुराने आरोपों की जांच के आदेश के बाद राजनीतिक सरगर्मी बढ़ने की संभावना है।