फर्रुखाबाद। एआरटीओ कार्यालय में कामकाज की व्यवस्था को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं। कार्यालय में बाहरी लोगों के कर्मचारियों की कुर्सियों पर बैठकर काम करने का वीडियो सामने आया है। वहीं, कार्यालय पहुंचने वाले आवेदकों ने आरोप लगाया है कि बिना पैसे दिए उनके काम नहीं हो पाते हैं। इन शिकायतों और वीडियो के सामने आने के बाद परिवहन विभाग की निगरानी व्यवस्था पर सवाल उठने लगे हैं।
जानकारी के अनुसार, एआरटीओ कार्यालय में कुछ बाहरी लोग कर्मचारियों की कुर्सियों पर बैठकर कामकाज करते दिखाई दिए। इसका वीडियो सामने आने के बाद कार्यालय की कार्यप्रणाली को लेकर चर्चा शुरू हो गई है। सरकारी कार्यालय में बाहरी व्यक्तियों की इस तरह मौजूदगी ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं।
कार्यालय में अपने जरूरी काम कराने पहुंचने वाले आवेदकों ने भी गंभीर शिकायतें की हैं। उनका कहना है कि बिना अतिरिक्त पैसे दिए काम कराना मुश्किल हो जाता है। आवेदकों की इन शिकायतों से कार्यालय में पारदर्शिता और आम जनता को मिलने वाली सुविधाओं पर सवाल उठ रहे हैं।
सरकारी कार्यालयों में आम नागरिक अपने लाइसेंस, वाहन संबंधी दस्तावेजों और अन्य परिवहन सेवाओं के लिए पहुंचते हैं। ऐसे में यदि कर्मचारियों की कुर्सियों पर बाहरी लोग बैठकर काम करते हैं तो यह व्यवस्था की निगरानी पर गंभीर सवाल खड़े करता है।
वीडियो सामने आने और आवेदकों की शिकायतों के बाद परिवहन विभाग की कार्यप्रणाली चर्चा का विषय बन गई है। लोगों का सवाल है कि आखिर कार्यालय में बाहरी व्यक्तियों को कर्मचारियों की कुर्सियों पर बैठकर काम करने की अनुमति कैसे मिल रही है और इस पर जिम्मेदार अधिकारियों की नजर क्यों नहीं पड़ रही है।
फिलहाल मामले में सामने आए वीडियो और आवेदकों की शिकायतों को लेकर विभागीय कार्रवाई अथवा अधिकारियों के आधिकारिक बयान की जानकारी उपलब्ध नहीं है। ऐसे में पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच और कार्यालय में बाहरी व्यक्तियों की भूमिका की पड़ताल जरूरी मानी जा रही है।


