नई दिल्ली: सर्दियों का मौसम शुरू होते ही दिल्ली (Delhi) के इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय (IGI) एयरपोर्ट पर कम विजिबिलिटी और घने कोहरे के कारण विमान संचालन प्रभावित होने की आशंका बढ़ जाती है। कई बार कम दृश्यता के चलते विमानों की लैंडिंग और टेकऑफ में देरी होती है, वहीं कुछ उड़ानों को डायवर्ट या रद्द भी करना पड़ता है। इस चुनौती से निपटने के लिए एयरपोर्ट पर तकनीक और बुनियादी ढांचे को मजबूत किया गया है। इस बार फ्लाइट संचालन को बेहतर बनाने के लिए स्काईकास्ट (SkyCast) मौसम पूर्वानुमान प्रणाली की मदद ली जा रही है।
सर्दियों में कोहरे के कारण रनवे पर दृश्यता अचानक कम हो जाती है। ऐसे में पायलटों और एयर ट्रैफिक कंट्रोल (ATC) के लिए विमान संचालन चुनौतीपूर्ण हो जाता है। स्काईकास्ट सिस्टम के जरिए मौसम संबंधी पूर्वानुमान और दृश्यता में होने वाले बदलावों की जानकारी पहले से मिलने पर उड़ानों की बेहतर योजना बनाने में मदद मिल सकती है। एयरपोर्ट पर कम दृश्यता की स्थिति से निपटने के लिए आधुनिक उपकरणों और जरूरी बुनियादी सुविधाओं को मजबूत किया गया है। इसका उद्देश्य कोहरे के दौरान भी सुरक्षा मानकों का पालन करते हुए विमान संचालन को यथासंभव सुचारु बनाए रखना है।
सर्दियों में घने कोहरे के कारण विमान संचालन में होने वाली परेशानियों से निपटने के लिए दिल्ली के इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय (IGI) एयरपोर्ट पर आधुनिक तकनीक का इस्तेमाल शुरू किया गया है। भारत में पहली बार दिल्ली एयरपोर्ट पर स्काईकास्ट (SkyCast) सिस्टम लगाया गया है। यह एक आधुनिक एविएशन वेदर मॉनिटरिंग सिस्टम है, जो मौसम की स्थिति पर लगातार नजर रखेगा। इस सिस्टम की खासियत है कि यह हर 5 मिनट में मौसम का अपडेट दे सकता है। साथ ही करीब तीन घंटे पहले तक मौसम में होने वाले संभावित बदलावों का संकेत देने में मदद करता है। इससे पायलट, एयर ट्रैफिक कंट्रोल (ATC) और एयरलाइंस को उड़ानों के संचालन की पहले से तैयारी करने का मौका मिलेगा।
स्काईकास्ट सिस्टम हवा की गति और दिशा, नमी, तापमान, कोहरे की संरचना और वायुमंडल में होने वाली हलचल की निगरानी करता है। इसके जरिए मौसम में अचानक होने वाले बदलावों का पहले से आकलन करने में मदद मिलेगी। खास तौर पर सर्दियों में कोहरे की स्थिति, विंड शीयर और टर्बुलेंस जैसी परिस्थितियों की जानकारी मिलने से विमान संचालन से जुड़े फैसले लेने में सुविधा होगी।




