लखनऊ। उत्तर प्रदेश पशु चिकित्सा फार्मासिस्ट संघ के एक प्रतिनिधिमंडल ने लाल जी निर्मल, विधानसभा सदस्य, उत्तर प्रदेश से भेंट कर वेटरनरी फार्मासिस्ट संवर्ग के पदनाम परिवर्तन की मांग को लेकर ज्ञापन सौंपा।

प्रतिनिधिमंडल ने विधायक को अवगत कराया कि वर्तमान समय में पशुपालन विभाग में वेटरनरी फार्मासिस्ट संवर्ग के कार्यों, दायित्वों एवं तकनीकी जिम्मेदारियों में निरंतर विस्तार हुआ है। ऐसे में संवर्ग का वर्तमान पदनाम उसकी शैक्षिक एवं तकनीकी योग्यता, कार्यक्षेत्र और वास्तविक दायित्वों के अनुरूप नहीं है।

संघ की मांग है कि वेटरनरी फार्मासिस्ट का पदनाम परिवर्तित कर 'पशुचिकित्सा फार्मेसी अधिकारी' तथा चीफ वेटरनरी फार्मासिस्ट का पदनाम 'मुख्य पशुचिकित्सा फार्मेसी अधिकारी' किया जाए, जिससे संवर्ग को उसकी कार्यप्रकृति एवं तकनीकी विशेषज्ञता के अनुरूप पहचान और सम्मान प्राप्त हो सके।

प्रतिनिधिमंडल ने विधायक से इस विषय को शासन स्तर पर प्रभावी ढंग से उठाने तथा पदनाम परिवर्तन की मांग को आगे बढ़ाने हेतु सहयोग एवं आवश्यक पहल करने का अनुरोध किया।

इस अवसर पर प्रतिनिधिमंडल में निम्न पदाधिकारी उपस्थित रहे, अशोक कुमार – प्रांतीय अध्यक्ष, सत्य प्रकाश शर्मा – कार्यकारी महामंत्री, विपिन कुमार सिंह – वरिष्ठ उपाध्यक्ष।

संघ के प्रांतीय अध्यक्ष अशोक कुमार ने कहा कि पदनाम परिवर्तन केवल नाम बदलने का विषय नहीं है, बल्कि यह संवर्ग की तकनीकी पहचान, विभागीय गरिमा एवं कर्मचारियों के मनोबल से जुड़ा महत्वपूर्ण विषय है। संघ इस मांग को लोकतांत्रिक एवं संवैधानिक तरीके से शासन के समक्ष रख रहा है।