प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर महाभारत का एक प्रेरणादायक संस्कृत श्लोक साझा किया। इसके माध्यम से उन्होंने समाज में सत्य, विद्या, सदाचार और नैतिक मूल्यों के महत्व को रेखांकित किया। प्रधानमंत्री की इस पोस्ट में जीवन को सही दिशा देने वाली महत्वपूर्ण सीख दी गई है।

पीएम मोदी ने श्लोक साझा करते हुए लिखा, “सत्येन रक्ष्यते धर्मो विद्याभ्यासेन रक्ष्यते। मृजया रक्ष्यते रूपं कुलं वृत्तेन रक्ष्यते॥” यह श्लोक मनुष्य को अपने जीवन में अच्छे आचरण और नैतिक मूल्यों को अपनाने की प्रेरणा देता है। इसमें धर्म और परिवार की रक्षा के लिए सदाचार को विशेष महत्व दिया गया है।

इस संस्कृत श्लोक का हिंदी अर्थ है कि धर्म की रक्षा सत्य से होती है, विद्या की रक्षा नियमित अभ्यास से होती है। इसी तरह सौम्यता और स्वच्छता से रूप की रक्षा होती है, जबकि परिवार की प्रतिष्ठा और मर्यादा की रक्षा व्यक्ति के अच्छे आचरण से होती है। श्लोक में जीवन के चार महत्वपूर्ण पहलुओं को सरल तरीके से समझाया गया है।

प्रधानमंत्री द्वारा साझा किया गया यह संदेश वर्तमान समय में भी बेहद प्रासंगिक है। यह लोगों को सत्य के मार्ग पर चलने, ज्ञान का निरंतर अभ्यास करने और अपने व्यवहार में शालीनता बनाए रखने की सीख देता है। साथ ही संदेश देता है कि किसी भी परिवार की वास्तविक पहचान उसके सदस्यों के संस्कार, चरित्र और सदाचार से होती है।