- 3 दिन में 800 से अधिक छात्र-छात्राओं को मिली निःशुल्क रहने-खाने की सुविधा

- जिलाध्यक्ष भईयन मिश्रा की पहल बनी मिसाल, रेलवे स्टेशन और बस स्टैंड पर लगाए गए सूचना बोर्ड

- विशंभर दयाल धर्मशाला और हिंदी भवन में परीक्षार्थियों व अभिभावकों के लिए की गई व्यवस्था

फर्रुखाबाद। उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग की प्रारंभिक अर्हता परीक्षा (पीईटी) में शामिल होने के लिए दूसरे जनपदों से फर्रुखाबाद पहुंचे हजारों छात्र-छात्राओं के लिए फर्रुखाबाद विकास मंच ने सेवा और सहयोग की अनूठी मिसाल पेश की। परीक्षा देने आए परीक्षार्थियों को रहने, खाने, चाय-नाश्ते और विश्राम की निःशुल्क व्यवस्था उपलब्ध कराई गई। मंच की इस पहल से सैकड़ों परिवारों को बड़ी राहत मिली।

25 अक्टूबर, 30 अक्टूबर और 1 नवंबर को आयोजित परीक्षा के दौरान आजमगढ़, सीतापुर, हरदोई, लखनऊ, उन्नाव, कानपुर, कानपुर देहात और शाहजहांपुर सहित कई जनपदों से बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं फर्रुखाबाद पहुंचे थे। बाहर से आने वाले परीक्षार्थियों को ठहरने की समस्या न हो, इसके लिए फर्रुखाबाद विकास मंच के जिलाध्यक्ष भईयन मिश्रा ने अपनी टीम के साथ विशेष व्यवस्था की।

परीक्षार्थियों को ठहरने का स्थान खोजने में परेशानी न हो, इसके लिए रेलवे स्टेशन, बस स्टैंड और अन्य प्रमुख स्थानों पर होर्डिंग एवं फ्लेक्स लगाए गए। इन पर विशंभर दयाल धर्मशाला पहुंचने का रास्ता, आयोजकों के मोबाइल नंबर और आवश्यक जानकारियां उपलब्ध कराई गईं।

इससे दूसरे जनपदों से आए छात्र-छात्राएं आसानी से धर्मशाला तक पहुंच सके। यहां उन्हें घर जैसा माहौल मिला। रहने के साथ भोजन, चाय और नाश्ते की व्यवस्था भी पूरी तरह निःशुल्क रखी गई।

भईयन मिश्रा ने बताया कि परीक्षा के दौरान लगभग 350 से अधिक छात्र-छात्राओं और उनके साथ आए अभिभावकों को विशंभर दयाल धर्मशाला तथा हिंदी भवन में ठहराया गया। तीन दिनों की परीक्षाओं में कुल 800 से अधिक परीक्षार्थियों के रहने की व्यवस्था की गई।

उन्होंने बताया कि यह अब तक की 11वीं परीक्षा है, जिसमें फर्रुखाबाद विकास मंच की ओर से बाहर से आने वाले परीक्षार्थियों के लिए निःशुल्क ठहरने और भोजन की व्यवस्था की गई है।

उन्होंने कहा कि पहले परीक्षाओं के दौरान हजारों छात्र-छात्राओं को रेलवे स्टेशन, बस अड्डों, सड़कों और फुटपाथों पर रात गुजारनी पड़ती थी। कई बार उन्हें बैठने और विश्राम करने तक की उचित जगह नहीं मिलती थी। परीक्षार्थियों की इसी परेशानी को देखते हुए मंच ने यह सेवा शुरू की।

दूसरे जनपदों से आए छात्र-छात्राओं और उनके अभिभावकों ने फर्रुखाबाद विकास मंच की व्यवस्था की जमकर सराहना की। परीक्षार्थियों का कहना था कि वे पहले भी कई जनपदों में परीक्षा देने जा चुके हैं, लेकिन वहां उन्हें पानी और बैठने तक की समुचित सुविधा नहीं मिल पाती थी।

फर्रुखाबाद में जिस तरह निःशुल्क रहने, खाने और चाय-नाश्ते की व्यवस्था की गई, उसकी उन्होंने कल्पना भी नहीं की थी। परीक्षार्थियों ने आयोजकों का आभार जताते हुए कहा कि वे अपने-अपने जनपदों में भी समाजसेवियों और सामाजिक संगठनों से ऐसी व्यवस्था शुरू करने की अपील करेंगे, ताकि प्रतियोगी परीक्षाओं में शामिल होने वाले विद्यार्थियों को परेशानियों का सामना न करना पड़े।

फर्रुखाबाद विकास मंच के जिलाध्यक्ष भईयन मिश्रा ने कहा कि बाहर से आने वाले छात्र-छात्राओं को परेशानी में देखकर मन व्यथित होता था। इसी को देखते हुए साथियों के सहयोग से यह व्यवस्था शुरू की गई। हमारा प्रयास रहता है कि परीक्षा देने आने वाले किसी भी विद्यार्थी को रहने और भोजन की चिंता न करनी पड़े।

उन्होंने कहा कि जब हमारे प्रयासों से किसी जरूरतमंद को सहायता मिलती है और वह संतुष्ट होकर अपने घर लौटता है, तो मन को आत्मिक संतुष्टि मिलती है। सबसे बड़ी खुशी यह है कि ये विद्यार्थी अपने जनपदों में फर्रुखाबाद की अच्छी यादें लेकर जाएंगे।

इस सेवा अभियान में अंगद पांडे उर्फ कोमल, प्रिंस शुक्ला, श्यामेंद्र दुबे, ओमनिवास पाठक, निशित दुबे उर्फ निशु, आयुष सक्सेना, राजीव वर्मा, आशुतोष मिश्रा, सनी बाथम, शिवांक बाजपेई, रजत वर्मा, दिलीप टेंट वाले, सल्लू भारद्वाज, दीपक गुप्ता, विवेक वर्मा, मोनू भाटिया, बीनू गुप्ता, विनय दीक्षित, महिपाल सिंह राजपूत, योगेश वर्मा, राम सक्सेना, संजू तिवारी, अमित मिश्रा, राम सहित बड़ी संख्या में कार्यकर्ताओं ने सक्रिय सहयोग किया।