लखनऊ। कैसरबाग कचहरी के आसपास बने कथित अवैध चैंबरों को हटाने के लिए नगर निगम की ओर से कार्रवाई की जा रही है। उच्च न्यायालय के आदेश के अनुपालन में चल रही इस कार्रवाई के दौरान अधिवक्ताओं में भारी नाराजगी देखने को मिली। विरोध में बड़ी संख्या में वकील धरने पर बैठ गए और प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी कर अपना आक्रोश जताया।
कार्रवाई के दौरान नगर निगम की टीम कचहरी परिसर के आसपास बने अधिवक्ताओं के चैंबरों को हटाने में जुटी रही। अचानक हुई इस कार्रवाई से प्रभावित अधिवक्ताओं में असंतोष फैल गया। वकीलों का कहना है कि चैंबर हटाए जाने से उनके सामने बैठकर काम करने और अपने मुवक्किलों से बातचीत करने की समस्या खड़ी हो जाएगी।
अधिवक्ताओं ने प्रशासन की कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए कहा कि चैंबर हटाने से पहले उनके लिए कोई वैकल्पिक व्यवस्था नहीं की गई है। उनका कहना है कि लंबे समय से इन चैंबरों के माध्यम से वे अपने न्यायिक कार्यों का संचालन कर रहे थे। अब इन्हें हटाए जाने से उनके कामकाज पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा।
विरोध प्रदर्शन में बड़ी संख्या में महिला अधिवक्ताओं ने भी भाग लिया। अधिवक्ताओं ने नारेबाजी करते हुए अपनी मांगें उठाईं और कार्रवाई के तरीके पर नाराजगी जताई। धरने के चलते कचहरी क्षेत्र में हलचल बनी रही।
अधिवक्ताओं की मांग है कि उनके सामने उत्पन्न हो रही समस्याओं पर प्रशासन गंभीरता से विचार करे और चैंबर हटाने से प्रभावित लोगों के लिए उचित वैकल्पिक व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, कैसरबाग कचहरी के आसपास चैंबर हटाने की कार्रवाई उच्च न्यायालय के आदेश के अनुपालन में नगर निगम द्वारा की जा रही है। एक ओर प्रशासन आदेश के पालन में जुटा है, वहीं दूसरी ओर प्रभावित अधिवक्ता बिना वैकल्पिक व्यवस्था के चैंबर हटाए जाने का विरोध कर रहे हैं।
फिलहाल कार्रवाई और अधिवक्ताओं का विरोध जारी रहने से कचहरी क्षेत्र में तनावपूर्ण स्थिति बनी हुई है। मामले में प्रशासन और अधिवक्ताओं के बीच आगे क्या सहमति बनती है, इस पर सभी की निगाहें टिकी हैं।

