फर्रुखाबाद। जिले में सरकारी धान खरीद शुरू होने के दूसरे दिन मंगलवार को सातनपुर मंडी के क्रय केंद्रों पर सन्नाटा पसरा रहा। मंडी में दोनों सरकारी धान खरीद केंद्र खुले रहे, लेकिन यहां धान बेचने के लिए कोई किसान नहीं पहुंचा। वहीं किसान सरकारी केंद्रों के बजाय मंडी में आढ़तियों के पास अपनी उपज लेकर पहुंच रहे हैं। इससे सरकारी खरीद व्यवस्था को लेकर सवाल उठ रहे हैं।
जानकारी के अनुसार, जिले में किसानों से सरकारी दर पर धान खरीदने के लिए कुल 15 क्रय केंद्र खोले गए हैं। मंगलवार को खरीद अभियान के दूसरे दिन सातनपुर मंडी स्थित दोनों केंद्रों पर कर्मचारी मौजूद रहे और खरीद की व्यवस्था भी उपलब्ध रही, लेकिन किसानों के नहीं पहुंचने से केंद्रों पर कोई खास गतिविधि दिखाई नहीं दी।
मंडी में दूसरी ओर आढ़तियों के यहां किसानों की आवाजाही जारी रही। किसान अपनी धान की उपज लेकर निजी आढ़तों पर पहुंच रहे हैं। सरकारी केंद्रों पर खरीद शुरू होने के बावजूद किसानों का वहां नहीं पहुंचना चर्चा का विषय बना हुआ है।
सरकारी धान खरीद व्यवस्था का उद्देश्य किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य उपलब्ध कराना है। इसके लिए जिले में 15 केंद्र खोले गए हैं, ताकि किसानों को धान बेचने के लिए दूर न जाना पड़े। हालांकि, खरीद के शुरुआती दिनों में केंद्रों पर किसानों की कम मौजूदगी से व्यवस्था की वास्तविक स्थिति पर सवाल खड़े हो रहे हैं।
फिलहाल सातनपुर मंडी के दोनों क्रय केंद्रों पर खरीद की प्रक्रिया जारी रखने की तैयारी है। आने वाले दिनों में किसानों की आवक बढ़ने और सरकारी केंद्रों पर खरीद में तेजी आने की उम्मीद जताई जा रही है।



