लखनऊ। पाकिस्तानी आतंकी शहजाद भट्टी के नेटवर्क से जुड़े चार संदिग्धों की गिरफ्तारी के बाद उत्तर प्रदेश आतंकवाद निरोधक दस्ता (एटीएस) ने जांच का दायरा बढ़ा दिया है। मामले की तह तक पहुंचने के लिए एटीएस की एक टीम पंजाब पहुंची है। टीम अमृतसर में आरोपियों से जुड़े ठिकानों पर जाकर छानबीन कर रही है। इसके साथ ही पंजाब पुलिस से संपर्क कर संदिग्धों का आपराधिक इतिहास और उनके पुराने मुकदमों से संबंधित जानकारियां जुटाई जा रही हैं। जांच एजेंसी अब गगनदीप सिंह और एक नाबालिग के खिलाफ पहले दर्ज मामलों की भी पड़ताल कर रही है।
यूपी एटीएस ने बीते शुक्रवार को लखनऊ से अमृतसर निवासी गगनदीप सिंह, रजत कुमार, क्रिश और एक नाबालिग को गिरफ्तार किया था। जांच एजेंसी के आरोपों के मुताबिक, चारों पाकिस्तानी हैंडलर राना भाई के संपर्क में थे। आरोप है कि उसके निर्देश पर वे लखनऊ में पुलिस या सेना के किसी जवान को निशाना बनाने के इरादे से आए थे। गिरफ्तारी के बाद से ही एटीएस इस पूरे नेटवर्क और इसके पीछे सक्रिय लोगों की भूमिका की जांच कर रही है।
जांच के दौरान सामने आया था कि गगनदीप सिंह और नाबालिग का पहले से आपराधिक इतिहास है। इसके अलावा गगनदीप के खालिस्तानी संगठन से जुड़े होने की बात भी जांच में सामने आई थी। इसी आधार पर एटीएस अब उसके पुराने मुकदमों और उनसे जुड़े संपर्कों की जानकारी जुटा रही है। एजेंसी यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि पूर्व में दर्ज मामलों के दौरान आरोपियों के किन लोगों से संबंध रहे और उनकी गतिविधियां किस प्रकार की थीं।
पंजाब पहुंची एटीएस की टीम स्थानीय पुलिस के सहयोग से आरोपियों के पुराने रिकॉर्ड की जानकारी जुटा रही है। जांच में यह भी देखा जा रहा है कि संदिग्धों के संपर्क में कौन-कौन लोग थे और उनके बीच किस तरह का तालमेल था। एजेंसी आरोपियों के आपसी संबंधों और उनकी गतिविधियों से जुड़े तथ्यों को जोड़कर पूरे नेटवर्क की कड़ियां तलाश रही है।
इस मामले में कुछ अन्य लोगों के नाम भी जांच एजेंसी के सामने आए हैं। एटीएस इन लोगों की भूमिका और गिरफ्तार संदिग्धों से उनके संबंधों की पड़ताल कर रही है। यह भी जांच की जा रही है कि इनका किसी पाकिस्तानी हैंडलर या अन्य प्रतिबंधित संगठनों से कोई संपर्क रहा है या नहीं।
चार संदिग्धों की गिरफ्तारी के बाद अब जांच का केंद्र केवल लखनऊ तक सीमित नहीं रह गया है। पंजाब में पुराने आपराधिक मामलों और संदिग्धों के संपर्कों की जांच के जरिए एटीएस पूरे नेटवर्क की जानकारी जुटाने में लगी है। एजेंसी की जांच पूरी होने के बाद ही इस मामले से जुड़े अन्य लोगों और कथित आतंकी नेटवर्क के बारे में स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।



