तहसील और मुंसिफ कोर्ट के बाहर बने अधिवक्ताओं के चैंबरों पर लगाए गए नोटिस, कई वकीलों ने नोटिस हटाकर जताया विरोध
कायमगंज/फर्रुखाबाद
कायमगंज नगर में सड़क चौड़ीकरण को लेकर अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई ने अब विरोध का रूप ले लिया है।नगर पालिका कर्मचारियों द्वारा तहसील और मुंसिफ कोर्ट के बाहर बने अधिवक्ताओं के चैंबरों पर नोटिस चस्पा किए जाने से वकीलों में नाराजगी फैल गई। नोटिस चस्पा करने पहुंचे नगर पालिका कर्मचारियों को अधिवक्ताओं के विरोध का सामना करना पड़ा।
जानकारी के अनुसार, नगर पालिका की ओर से सड़क चौड़ीकरण की योजना के तहत चिन्हित अतिक्रमण वाले स्थानों पर बने भवनों और दुकानों पर नोटिस लगाए जा रहे हैं। इसी क्रम में मंगलवार को तहसील और मुंसिफ कोर्ट के बाहर अधिवक्ताओं के चैंबरों पर भी नोटिस चस्पा कर दिए गए। इससे नाराज कई अधिवक्ताओं ने नोटिस हटाकर विरोध जताया, जबकि कुछ अधिवक्ताओं ने नगर पालिका कर्मचारियों को नोटिस चस्पा नहीं करने दिया।
गौरतलब है कि जामा मस्जिद से पुल गालिब तिराहे तक का मार्ग बेहद महत्वपूर्ण है। इस मार्ग पर तहसील, सिविल कोर्ट, न्यायिक मजिस्ट्रेट कोर्ट, डाकघर, नगर पालिका कार्यालय, कॉलेज, स्कूल और पुलिस चौकी सहित कई प्रमुख संस्थान स्थित हैं। दिनभर इस मार्ग पर लोगों और वाहनों की आवाजाही बनी रहती है। अतिक्रमण के कारण यहां आए दिन जाम की स्थिति पैदा होती है, जिससे आम राहगीरों को परेशानी का सामना करना पड़ता है।
सड़क चौड़ीकरण की योजना के तहत राजस्व विभाग और नगर पालिका प्रशासन ने पहले ही अतिक्रमण वाले स्थानों को चिह्नित कर लाल निशान लगाए थे। अब चिह्नित स्थानों पर बने भवनों और चैंबरों को लेकर नोटिस चस्पा किए जाने से विवाद की स्थिति उत्पन्न हो गई है।
नगर पालिका की इस कार्रवाई को लेकर अधिवक्ताओं और प्रशासन के बीच विरोध के स्वर सामने आने लगे हैं। अब देखना होगा कि प्रशासन अधिवक्ताओं की आपत्तियों पर क्या रुख अपनाता है और सड़क चौड़ीकरण की योजना को किस तरह आगे बढ़ाया जाता है।



