अयोध्या: राम नगरी अयोध्या (Ayodhya, the city of Ram) के श्री राम जन्मभूमि मंदिर में देर रात्रि शरद पूर्णिमा (Sharad Purnima) पर्व का भव्य पूजन हुआ। राम जन्मभूमि मंदिर निर्माण के बाद यह पहला अवसर था जब शरद पूर्णिमा का पर्व इतनी धूमधाम के साथ मनाया गया। पूजन के दौरान रामलला की चल मूर्ति को गर्भगृह से निकालकर उत्तरी चबूतरे पर विराजमान किया गया।

रात्रि 12 बजे भगवान की विशेष आरती की गई और उन्हें शरद पूर्णिमा के अवसर पर विशेष खीर अर्पित की गई। इस पावन अवसर पर राम जन्मभूमि मंदिर ट्रस्ट के सदस्य निर्मोही अखाड़ा महंत दिनेंद्र दास समेत ट्रस्ट के सीईओ पूर्व एयर मार्शल जितेंद्र मिश्रा भी मौजूद रहे।

मंदिर परिसर में श्रद्धा और भक्ति का अद्भुत माहौल देखने को मिला। धार्मिक मान्यता के अनुसार शरद पूर्णिमा की रात चंद्रमा की किरणों से अमृत की वर्षा होती है, और इस दिन भगवान को खीर अर्पित करने की परंपरा है। राम जन्मभूमि मंदिर में इस परंपरा का पालन करते हुए पहली बार इतने भव्य रूप में शरद पूर्णिमा पर्व मनाया गया, जो श्रद्धालुओं के लिए ऐतिहासिक क्षण बन गया।