फर्रुखाबाद। दीपावली के मद्देनजर आतिशबाजी के अवैध भंडारण के खिलाफ पुलिस ने शनिवार को राजेपुर कस्बे में दो अलग-अलग स्थानों पर छापेमारी की। कार्रवाई के दौरान पुलिस ने कई कार्टून आतिशबाजी बरामद कर चार लोगों को गिरफ्तार किया। पुलिस ने दोनों मामलों में अलग-अलग मुकदमे दर्ज किए हैं। अचानक हुई कार्रवाई से आतिशबाजी का भंडारण करने वालों में खलबली मच गई।
जानकारी के अनुसार, कस्बे में भारी मात्रा में आतिशबाजी रखे होने की सूचना पर एसओजी की टीम ने एक मिल पर छापा मारा। सूचना के आधार पर जांच-पड़ताल की गई, जिसके बाद थाना पुलिस ने कार्रवाई करते हुए मौके से आतिशबाजी बरामद की। बरामद सामान में पटाखे, अनार, रॉकेट समेत अन्य प्रकार की आतिशबाजी शामिल बताई गई है। पुलिस ने मौके पर मौजूद सामान के संबंध में जानकारी जुटाते हुए आगे की कार्रवाई शुरू की।
इसके बाद उपनिरीक्षक गौरव शुक्ला ने पुलिस टीम के साथ अमृतपुर रोड की ओर छापेमारी की। यहां से कई कार्टून आतिशबाजी बरामद की गई। पुलिस ने मौके से संदीप कुमार और रोहित कुमार निवासी राजेपुर तथा संजीव कुमार निवासी हमीरपुर सोमवंशी को गिरफ्तार किया। पुलिस बरामद आतिशबाजी के भंडारण से संबंधित जानकारी जुटा रही है।
वहीं, दूसरी कार्रवाई उपनिरीक्षक जगदीश प्रसाद ने की। पुलिस टीम ने हमीरपुर सोमवंशी निवासी गौरव द्विवेदी को पांच कार्टून आतिशबाजी के साथ गिरफ्तार किया। इस तरह दोनों स्थानों पर हुई कार्रवाई में पुलिस ने कुल चार लोगों को गिरफ्तार किया और आतिशबाजी बरामद की। पुलिस ने दोनों मामलों में दो अलग-अलग मुकदमे दर्ज किए हैं।
थानाध्यक्ष दर्शन सिंह यादव ने बताया कि राजेपुर क्षेत्र में दो स्थानों पर कार्रवाई कर आतिशबाजी बरामद की गई है। इस दौरान चार आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। मामले में दो मुकदमे दर्ज कर आगे की कार्रवाई की जा रही है।
क्षेत्राधिकारी अमृतपुर राजेश द्विवेदी ने बताया कि आतिशबाजी के भंडारण के मामले में पुलिस कार्रवाई कर रही है। मामले की जानकारी जुटाई जा रही है और नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।
दीपावली के त्योहार को देखते हुए आतिशबाजी के भंडारण और बिक्री को लेकर सुरक्षा व्यवस्था महत्वपूर्ण मानी जा रही है। ऐसे में पुलिस की इस कार्रवाई के बाद क्षेत्र में आतिशबाजी के भंडारण से जुड़े अन्य स्थानों पर भी निगरानी को लेकर लोगों की नजरें टिकी हैं। हालांकि, बरामद आतिशबाजी की कुल मात्रा, संबंधित स्थानों पर भंडारण की अनुमति और अन्य कानूनी पहलुओं के बारे में विस्तृत जानकारी सामने आना बाकी है।

