फर्रुखाबाद। थाना राजेपुर क्षेत्र में महिलाओं से सोने के आभूषण लूटने की दो घटनाओं का अब तक खुलासा नहीं हो सका है। अलग-अलग स्थानों पर हुई इन वारदातों में पीड़ितों ने पुलिस से शिकायत कर कार्रवाई की मांग की थी, लेकिन काफी समय बीत जाने के बाद भी आरोपियों की पहचान नहीं हो पाई है। एक घटना में बाइक सवार बदमाश महिला के कान से कुंडल खींचकर फरार हो गए थे, जबकि दूसरी वारदात गांव के शिव मंदिर में पूजा के दौरान युवती की सोने की चेन झपटने की बताई गई है। दोनों मामलों में मुकदमा दर्ज होने के बावजूद खुलासा न होने से पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठ रहे हैं।
क्षेत्र में महिलाओं के आभूषणों को निशाना बनाकर की गई इन घटनाओं को लेकर स्थानीय लोगों में नाराजगी है। लोगों का कहना है कि सार्वजनिक रास्ते और धार्मिक स्थल जैसे स्थानों पर हुई वारदातों का खुलासा कर आरोपियों को पकड़ना जरूरी है, ताकि पीड़ितों को न्याय मिल सके और भविष्य में ऐसी घटनाओं पर अंकुश लगाया जा सके।
राजेपुर थाना क्षेत्र के भुड्डनपुर गांव निवासी बृजराम 7 अप्रैल 2026 को अपनी पत्नी के साथ मोटरसाइकिल से ससुराल से घर लौट रहे थे। शाम करीब साढ़े चार बजे जब वे रामगंगा पुल से आगे जैनापुर चौराहे के बीच पहुंचे, तभी पीछे से मोटरसाइकिल पर आए दो अज्ञात बदमाशों ने उनकी पत्नी को निशाना बनाया। आरोप है कि बदमाशों ने महिला के कान से सोने के कुंडल खींच लिए और निबिया चौराहे की ओर भाग निकले। अचानक हुई इस घटना के बाद बृजराम ने बदमाशों का पीछा कर उन्हें पकड़ने का प्रयास किया, लेकिन वे भागने में सफल रहे।
घटना के बाद पीड़ित पक्ष ने पुलिस से शिकायत की। पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की थी। हालांकि, घटना के कई महीने बीत जाने के बाद भी आरोपियों की पहचान और गिरफ्तारी को लेकर कोई स्पष्ट जानकारी सामने नहीं आई है।
दूसरी घटना तुषौर गांव स्थित शिव मंदिर की है। गांव निवासी भूपाल सिंह की पुत्री कोमल के अनुसार, 3 अगस्त को सुबह करीब नौ बजे वह अपने परिवार के साथ मंदिर में जल चढ़ाने गई थीं। मंदिर में पूजा-अर्चना के दौरान भीड़ मौजूद थी। आरोप है कि इसी भीड़ का फायदा उठाकर अज्ञात महिलाओं ने उनके गले से सोने की चेन झपट ली और वहां से निकल गईं।
घटना के बाद पीड़िता ने मामले की शिकायत पुलिस से की। उन्होंने 5 अगस्त को पुलिस को प्रार्थना पत्र देकर मंदिर परिसर में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज की जांच कराने और आरोपियों की पहचान करने की मांग की थी। मामले की जांच उपनिरीक्षक आशुतोष यादव को सौंपी गई थी। सीसीटीवी फुटेज से संदिग्धों की पहचान होने की उम्मीद जताई गई थी, लेकिन अब तक इस मामले के खुलासे की जानकारी सामने नहीं आई है।
दोनों घटनाओं में शिकायत के बाद पुलिस ने मुकदमे दर्ज कर जांच शुरू की थी। इसके बावजूद लंबे समय तक आरोपियों का पता नहीं चलने से पीड़ित परिवारों को न्याय मिलने का इंतजार है। वारदातों में सोने के आभूषण लूटे जाने से पीड़ितों को आर्थिक नुकसान भी हुआ है। पहली घटना में चलती मोटरसाइकिल पर सवार दंपती को निशाना बनाया गया, जबकि दूसरी घटना धार्मिक स्थल पर पूजा के दौरान सामने आई। घटनाओं की परिस्थितियां अलग-अलग होने के बावजूद दोनों मामलों में आरोपियों की पहचान नहीं हो पाने का मुद्दा स्थानीय स्तर पर चर्चा का विषय बना हुआ है।
स्थानीय लोगों की मांग है कि पुलिस दोनों मामलों की जांच में तेजी लाए। साथ ही, उपलब्ध साक्ष्यों, संभावित सीसीटीवी फुटेज और अन्य सुरागों के आधार पर आरोपियों की पहचान कर उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाए। राजेपुर थाना क्षेत्र में हुई इन दोनों वारदातों के खुलासे को लेकर अब लोगों की निगाहें पुलिस की अगली कार्रवाई पर टिकी हैं। पीड़ित पक्ष चाहता है कि मामले की गंभीरता से जांच की जाए और लूटे गए आभूषण बरामद कराए जाएं।

