- मेसर्स जीएस एक्सप्रेस लिमिटेड पर कार्रवाई, सिद्धार्थ विश्वविद्यालय में काम करने का दिखाया था अनुभव

- यूपीआरएनएन की अयोध्या इकाई ने दर्ज कराया मुकदमा

लखनऊ। सरकारी निर्माण कार्यों के टेंडर हासिल करने के लिए कथित तौर पर फर्जी अनुभव प्रमाण पत्र लगाने का मामला सामने आया है। मेसर्स जीएस एक्सप्रेस लिमिटेड के खिलाफ इस मामले में एफआईआर दर्ज कराई गई है। आरोप है कि कंपनी ने फर्जी अनुभव प्रमाण पत्रों के आधार पर करीब 3003 करोड़ रुपये के 41 टेंडर हासिल किए।

जानकारी के अनुसार, कंपनी ने टेंडर प्रक्रिया में अपनी पात्रता साबित करने के लिए सिद्धार्थ विश्वविद्यालय में कार्य करने का अनुभव दर्शाया था। आरोप है कि अनुभव प्रमाण पत्रों की सत्यता को लेकर संदेह सामने आने के बाद मामले की जांच शुरू की गई। जांच के दायरे में कंपनी की ओर से प्रस्तुत किए गए अनुभव संबंधी दस्तावेजों को रखा गया है।

मामले में उत्तर प्रदेश राजकीय निर्माण निगम (यूपीआरएनएन) की अयोध्या इकाई की ओर से कंपनी के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया गया है। शिकायत में अनुभव प्रमाण पत्रों की कथित जालसाजी और उनके आधार पर टेंडर हासिल करने के आरोप लगाए गए हैं।

करीब 3003 करोड़ रुपये के 41 टेंडर हासिल करने के आरोपों के बाद मामला गंभीर हो गया है। अब जांच एजेंसियां कंपनी की ओर से लगाए गए अनुभव प्रमाण पत्रों की वास्तविकता, संबंधित संस्थान से उनके सत्यापन और टेंडर हासिल करने की प्रक्रिया की जांच करेंगी।

इस प्रकरण में यह भी महत्वपूर्ण होगा कि कथित फर्जी दस्तावेजों के आधार पर किन-किन परियोजनाओं के टेंडर हासिल किए गए और इस प्रक्रिया में अन्य लोगों की कोई भूमिका रही या नहीं।

फिलहाल कंपनी के खिलाफ दर्ज मुकदमे और अनुभव प्रमाण पत्रों की जांच के बाद ही पूरे मामले की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।