लखनऊ। शिवा शर्मा हत्याकांड की मुख्य आरोपी श्रद्धा दुबे की जेल में जिंदगी अब पहले से काफी अलग बताई जा रही है। क्लबों और लग्जरी जीवनशैली के लिए चर्चा में रही श्रद्धा ने जेल में मुलाकात करने वालों की सूची में केवल अपने पिता और रायबरेली निवासी परिजनों के नाम शामिल किए हैं। रविवार को उसने परिचितों के आने का इंतजार किया, लेकिन उससे मिलने कोई नहीं पहुंचा। जेल सूत्रों के मुताबिक, अब तक उससे मुलाकात करने के लिए कोई नहीं आया है।
श्रद्धा की ओर से जेल प्रशासन को सौंपी गई सूची में करीबी माने जाने वाले अन्य लोगों के नाम शामिल नहीं हैं। बताया जा रहा है कि उसने उन परिचितों को भी सूची में जगह नहीं दी, जिनके साथ वह पहले घूमने-फिरने और रेस्तरां में समय बिताने के लिए जानी जाती थी। इस बात को लेकर चर्चाएं हैं कि जेल पहुंचने के बाद उसने मुलाकात के लिए अपने परिवार के कुछ सदस्यों को ही प्राथमिकता दी है। हालांकि, उसने अन्य परिचितों के नाम क्यों नहीं दिए, इसकी कोई आधिकारिक वजह सामने नहीं आई है।
जिला जेल के वरिष्ठ अधीक्षक राजेंद्र जायसवाल के अनुसार, श्रद्धा की ओर से दिए गए नामों की सूची सोमवार को कारागार मुख्यालय भेजी जाएगी। इसके बाद संबंधित लोगों का पुलिस सत्यापन कराया जाएगा। सत्यापन की प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही नियमानुसार मुलाकात की अनुमति देने पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल श्रद्धा से मिलने आने वालों के नामों की सूची और उसके सत्यापन की प्रक्रिया जेल प्रशासन के स्तर पर चल रही है।
जेल सूत्रों के मुताबिक, रविवार को श्रद्धा अपने परिचितों के आने की उम्मीद लगाए रही, लेकिन कोई उससे मिलने नहीं पहुंचा। हालांकि, रविवार को साप्ताहिक अवकाश होने के कारण जेल में मुलाकात की व्यवस्था भी बंद थी। ऐसे में उस दिन किसी के नहीं पहुंचने को लेकर मुलाकात की प्रक्रिया का ध्यान रखना भी जरूरी है। सूत्रों के अनुसार, जेल में रहने के दौरान श्रद्धा ने बैरक में बंद अन्य महिला बंदियों से मदद मांगी। बताया गया कि महिला बंदियों ने श्रद्धा और उसकी बहन रश्मि को कपड़े आदि उपलब्ध कराए।
जेल सूत्रों के अनुसार, श्रद्धा का समय अब पूजा-पाठ और ध्यान में भी बीत रहा है। शुक्रवार और शनिवार के बाद रविवार को भी उसने पूजा-पाठ किया और ध्यान लगाया। इससे पहले वह क्लबों और आलीशान जीवनशैली को लेकर चर्चा में रही थी। जेल में उसकी दिनचर्या में आए इस बदलाव को लेकर चर्चाएं हो रही हैं, हालांकि उसकी निजी दिनचर्या से संबंधित ये जानकारियां जेल सूत्रों के हवाले से सामने आई हैं।
वहीं, श्रद्धा की बहन रश्मि तीसरे दिन भी मौन रही। सूत्रों के मुताबिक, उसने श्रद्धा के अलावा किसी अन्य से बातचीत नहीं की। जेल में दोनों बहनों की गतिविधियों और उनके व्यवहार को लेकर तरह-तरह की चर्चाएं हैं, लेकिन इस संबंध में जेल प्रशासन की ओर से विस्तृत आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है।
गौरतलब है कि नौ अक्तूबर को लखनऊ के प्रयागनारायण रोड स्थित अवध ग्रीन अपार्टमेंट की चौथी मंजिल से गिरने के बाद कारोबारी शिवा शर्मा (27) की मौत हो गई थी। वह अलीगंज के निवासी थे। घटना के बाद उनकी मां रंजना ने हजरतगंज थाने में श्रद्धा दुबे, उसकी बहन रश्मि, चालक दानिश समेत अन्य लोगों के खिलाफ हत्या की प्राथमिकी दर्ज कराई थी। इसी मामले में श्रद्धा को मुख्य आरोपी बताया गया है।
फिलहाल मामला जांच और कानूनी प्रक्रिया के अधीन है। जेल में श्रद्धा की मुलाकात से जुड़ी सूची का पुलिस सत्यापन पूरा होने के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि उसके परिजनों को उससे मिलने की अनुमति कब मिलती है। वहीं, शिवा शर्मा की मौत से जुड़े मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई पर भी नजर बनी हुई है।

