- 45 करोड़ रुपये के कथित भ्रष्टाचार के पुराने आरोप फिर चर्चा में

- निर्माण कार्यों की गुणवत्ता परखी

कंपिल, फर्रुखाबाद । नगर पंचायत में विकास कार्यों को लेकर मिली शिकायतों के बाद सोमवार को लखनऊ से पहुंची शासन की उच्चस्तरीय टीम ने स्थलीय निरीक्षण कर निर्माण कार्यों की गुणवत्ता परखी। नगर विकास विभाग के विशेष सचिव उदयभानु त्रिपाठी के नेतृत्व में पहुंची टीम ने आरओ प्लांट, सड़क-नालों, स्ट्रीट लाइटों, कान्हा गौशाला और मानसरोवर तालाब का निरीक्षण किया। इसके बाद नगर पंचायत कार्यालय में विकास कार्यों से संबंधित टेंडर, ठेकेदारों के बिल और भुगतान के मूल अभिलेखों की जांच की गई। विधानसभा की याचिका समिति के निर्देश पर हुई इस कार्रवाई के बीच पूर्व नगर पंचायत अध्यक्ष के कार्यकाल में करीब 45 करोड़ रुपये के विकास कार्यों में कथित भ्रष्टाचार के आरोप भी फिर चर्चा में आ गए।

सोमवार दोपहर करीब तीन बजे नगर पंचायत कार्यालय के पास स्थित आरओ प्लांट से निरीक्षण की शुरुआत हुई। इसके बाद टीम ने पट्टीमदारी मोहल्ले में सड़क और उस पर बिछाई गई सीमेंट की पटियों की स्थिति देखी। सिसैया नगला में तालाब सहित अन्य निर्माण कार्यों का जायजा लिया गया। जगपाल के मकान से सैनी के घर तक बनी सड़क और नाले की गुणवत्ता भी परखी गई।

अधिकारियों ने कान्हा गौशाला, मानसरोवर तालाब के सुंदरीकरण कार्य, मुख्य मार्ग के डिवाइडर और सड़कों पर लगी स्ट्रीट लाइटों का निरीक्षण किया। तकनीकी अधिकारियों ने विभिन्न निर्माण कार्यों से जुड़े जरूरी बिंदु दर्ज किए। स्थलीय निरीक्षण के बाद टीम नगर पंचायत कार्यालय पहुंची, जहां टेंडर प्रक्रिया, ठेकेदारों के बिल और भुगतान से संबंधित मूल अभिलेखों की पड़ताल की गई। दस्तावेजों का मिलान भी किया गया। हालांकि, जांच में सामने आई संभावित खामियों या अनियमितताओं को लेकर अधिकारियों ने कोई आधिकारिक जानकारी नहीं दी।

नगर पंचायत में हुई इस जांच को पूर्व अध्यक्ष उदयपाल सिंह यादव के कार्यकाल में कराए गए विकास कार्यों में कथित भ्रष्टाचार की शिकायत से जोड़कर देखा जा रहा है। वर्ष 2019 में लोकायुक्त से की गई शिकायत में उनके कार्यकाल के दौरान करीब 45 करोड़ रुपये के विकास कार्यों में भ्रष्टाचार के आरोप लगाए गए थे।

पूर्व अध्यक्ष के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति के मामले में विजिलेंस थाने में मुकदमा दर्ज होने की बात भी सामने आई है। हालांकि, सोमवार को हुई जांच का उक्त मामले से सीधा संबंध है या नहीं, इस बारे में अधिकारियों ने स्थिति स्पष्ट नहीं की है।