लखनऊ। उत्तर प्रदेश में राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (NHM) के तहत कार्यरत हजारों कर्मचारियों के लिए राहत भरी खबर है। प्रदेश सरकार एनएचएम कर्मचारियों को नियमित भर्ती में अतिरिक्त लाभ देने की तैयारी कर रही है। प्रस्ताव के तहत कर्मचारियों को नियमित भर्ती में अधिकतम 15 फीसदी तक भारांक (वेटेज) दिया जाएगा। इसके अलावा अधिकतम आयु सीमा में पांच साल की छूट देने की भी तैयारी है। इस व्यवस्था को लागू करने के लिए भर्ती नियमावली में बदलाव किया जाएगा। चिकित्सा, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग ने प्रस्ताव पर विचार करने के लिए कमेटी गठित की है।

प्रदेश में राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के तहत करीब 85 हजार से अधिक कर्मचारी काम कर रहे हैं। इनमें चिकित्सक, स्टाफ नर्स, कम्युनिटी हेल्थ ऑफिसर (सीएचओ), फार्मासिस्ट, लैब टेक्नीशियन और कार्यक्रम प्रबंधक सहित विभिन्न पदों पर तैनात कर्मचारी शामिल हैं। एनएचएम के अंतर्गत करीब 278 कैडर बताए गए हैं। ये कर्मचारी मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं, टीकाकरण अभियान, संचारी और गैर-संचारी रोगों की रोकथाम, आपातकालीन सेवाओं तथा विभिन्न राष्ट्रीय स्वास्थ्य कार्यक्रमों के संचालन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

कोविड-19 महामारी के दौरान भी एनएचएम कर्मचारियों ने स्वास्थ्य सेवाओं को बनाए रखने में योगदान दिया था। इनमें से कई कर्मचारी लंबे समय से विभाग के अंतर्गत सेवाएं दे रहे हैं। कुछ कर्मचारी करीब 15 साल से काम कर रहे हैं और इस दौरान उन्हें विभाग की ओर से अलग-अलग स्तर पर प्रशिक्षण भी दिया गया है। अब इन्हीं कर्मचारियों के अनुभव और सेवा अवधि को ध्यान में रखते हुए नियमित भर्ती में अतिरिक्त लाभ देने की व्यवस्था तैयार की जा रही है।

इस संबंध में राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन की निदेशक डॉ. पिंकी जोवल ने चिकित्सा, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग की प्रमुख सचिव वी. हेकाली झिमोमी को प्रस्ताव भेजा है। प्रस्ताव के बाद विभाग में कमेटी गठित की गई है, जो मौजूदा व्यवस्था, कर्मचारियों की सेवा अवधि और प्रस्तावित लाभों का अध्ययन कर अपनी रिपोर्ट देगी। कमेटी की रिपोर्ट के आधार पर आगे की प्रक्रिया पूरी की जाएगी।

प्रस्ताव के मुताबिक, एनएचएम कर्मचारियों को नियमित भर्ती में उनकी सेवा अवधि के आधार पर भारांक दिया जाएगा। एक वर्ष की सेवा पूरी करने पर तीन फीसदी, दो वर्ष पर छह फीसदी, तीन वर्ष पर नौ फीसदी, चार वर्ष पर 12 फीसदी और पांच वर्ष या उससे अधिक की सेवा पर अधिकतम 15 फीसदी भारांक देने की व्यवस्था प्रस्तावित है। यानी किसी कर्मचारी ने 10 या 15 साल तक एनएचएम में सेवा दी है, तो उसे भी अधिकतम 15 फीसदी ही भारांक मिलेगा। सेवा अवधि बढ़ने के साथ भारांक की सीमा 15 फीसदी से अधिक नहीं होगी।

इसके अलावा नियमित भर्ती में अधिकतम आयु सीमा से पांच साल की छूट देने का प्रस्ताव भी तैयार किया गया है। इससे उन एनएचएम कर्मचारियों को लाभ मिल सकता है, जो लंबे समय से संविदा या मिशन के तहत काम कर रहे हैं और नियमित भर्ती की अधिकतम आयु सीमा के करीब पहुंच चुके हैं। हालांकि, इस लाभ को लागू करने के लिए संबंधित भर्ती नियमों में आवश्यक संशोधन करना होगा।

प्रस्तावित व्यवस्था को लागू करने के लिए राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन कर्मचारी सेवा (वरीयता एवं हित संरक्षण नियमावली-2026) तैयार किए जाने की बात कही गई है। विभागीय कमेटी की रिपोर्ट के बाद नियमावली को अंतिम रूप दिया जाएगा और इसके बाद उसे निर्धारित प्रक्रिया के तहत मंजूरी के लिए भेजा जाएगा। कैबिनेट की स्वीकृति मिलने के बाद ही कर्मचारियों को प्रस्तावित लाभ उपलब्ध कराने का रास्ता साफ होगा।

इस प्रस्ताव से उन कर्मचारियों को नियमित सरकारी भर्ती में अवसर मिलने की उम्मीद है, जो वर्षों से स्वास्थ्य सेवाओं में योगदान दे रहे हैं। भारांक मिलने से चयन प्रक्रिया में उनकी सेवा अवधि को महत्व दिया जा सकेगा, जबकि आयु सीमा में छूट से पात्र कर्मचारियों को भर्ती प्रक्रिया में शामिल होने का अतिरिक्त अवसर मिल सकता है। हालांकि, वास्तविक लाभ संबंधित पदों की भर्ती नियमावली और अंतिम रूप से स्वीकृत प्रावधानों के अनुसार ही मिलेगा।

फिलहाल प्रस्ताव विभागीय स्तर पर विचाराधीन है। कमेटी की रिपोर्ट, नियमावली में संशोधन और कैबिनेट की मंजूरी के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि नई व्यवस्था किस रूप में लागू होगी और किन पदों की नियमित भर्ती में इसका लाभ दिया जाएगा।